यूरोपीय काउंसिल के प्रेसिडेंट Antonio Costa ने कतर की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि कतर मिडिल ईस्ट में शांति और स्थिरता लाने के लिए एक ईमानदार बिचौलिये की तरह काम कर रहा है। यह बात ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है और युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है।

यूरोपीय काउंसिल के राष्ट्रपति ने क्या कहा?

Antonio Costa ने 15 अप्रैल 2026 को कतर का दौरा किया और वहां की डिप्लोमेसी की सराहना की। उन्होंने कहा कि कतर ने क्षेत्र में शांति लाने के लिए बहुत जरूरी मध्यस्थता की है। इससे पहले 14 अप्रैल को वे अबू धाबी भी गए थे। वहां उन्होंने ईरान के हमलों के खिलाफ खाड़ी देशों के साथ अपनी एकजुटता जताई। उन्होंने साफ किया कि यूरोपीय संघ शांति के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी का पूरा समर्थन करता है।

अमेरिका और ईरान के बीच विवाद की क्या स्थिति है?

अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की मदद से 8 अप्रैल 2026 को एक शांति समझौता हुआ था। लेकिन यह समझौता नाकाम रहा और दोनों तरफ से इसका उल्लंघन हुआ। राष्ट्रपति Donald Trump ने अब ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी (naval blockade) का ऐलान किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि नाकेबंदी के करीब आने वाले किसी भी ईरानी जहाज को तुरंत खत्म कर दिया जाएगा।

कतर और अन्य देशों की कोशिशें क्या हैं?

कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री से फोन पर बात की। उन्होंने अमेरिका और ईरान दोनों से अपील की कि वे बातचीत के रास्ते अपनाएं। कतर ने चेतावनी दी कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे समुद्री रास्तों का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए नहीं होना चाहिए। मार्च 2026 में यूरोपीय काउंसिल ने भी ईरान के हमलों की निंदा की थी और तनाव कम करने की मांग की थी।