मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कतर ने एक बार फिर शांति बहाल करने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही मध्यस्थता और हाल के घटनाक्रमों पर चर्चा की गई। दोनों देशों ने क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति बहाली पर जोर दिया है, जबकि ईरान और इसराइल दोनों ने ही फिलहाल एक-दूसरे पर हमले रोकने का ऐलान किया है।

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ईरान और इसराइल के बीच ताजा हमले और युद्धविराम की स्थिति क्या है?

हाल ही में ईरान और इसराइल के बीच सोमवार सुबह फिर से मिसाइल हमले देखने को मिले थे, जिसे अप्रैल के बाद की सबसे बड़ी हिंसा माना जा रहा है। इन हमलों में इसराइल ने ईरान के माहशहर में एक पेट्रोकेमिकल प्लांट को निशाना बनाया, जिससे वहां आंशिक नुकसान हुआ। वहीं, ईरान की सेना ने अब इसराइल के खिलाफ अपने हमलों को रोकने की घोषणा की है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी है कि अगर इसराइल ने दोबारा हमला किया तो उसे और भी गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। दूसरी तरफ, इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी पुष्टि की है कि उन्होंने ईरान और लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ हमले रोक दिए हैं, लेकिन नया हमला होने पर सख्त जवाब दिया जाएगा।

कतर और अमेरिका की मध्यस्थता का क्या असर हो रहा है?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दोनों देशों से तुरंत गोलाबारी रोकने की अपील की है और कहा है कि दोनों पक्ष युद्धविराम चाहते हैं। कतर इस मामले में अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इससे पहले 26 मई को ईरानी प्रतिनिधिमंडल कतर में था, जहां कतरी बैंकों में जमा ईरान के लगभग 12 बिलियन डॉलर के फंड को जारी करने पर बातचीत हुई थी। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने साफ किया है कि अमेरिका के साथ चल रही मौजूदा बातचीत सिर्फ युद्ध को खत्म करने पर केंद्रित है, इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कोई बातचीत नहीं हो रही है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कतर और ईरान के बीच बातचीत का मुख्य विषय क्या था?

कतर के पीएम और ईरान के विदेश मंत्री के बीच बातचीत का मुख्य विषय अमेरिका-ईरान मध्यस्थता, लेबनान के हालात और क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देना था।

क्या ईरान और इसराइल के बीच अब युद्ध रुक गया है?

दोनों पक्षों ने अस्थाई तौर पर हमले रोक दिए हैं। हालांकि, ईरान और इसराइल दोनों ने ही चेतावनी दी है कि यदि दोबारा हमला हुआ तो वे सख्त जवाबी कार्रवाई करेंगे।