कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al Thani ने शनिवार, 23 मई 2026 को ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से फोन पर बात की है। इस महत्वपूर्ण चर्चा में मध्य पूर्व क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के प्रयासों की समीक्षा की गई। कतर ने संकट को पूरी तरह समाप्त करने के लिए चल रहे राजनयिक प्रयासों को अपना पूरा समर्थन देने की बात दोहराई है।
Strait of Hormuz को लेकर कतर ने क्या चेतावनी दी?
बातचीत के दौरान कतर के प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता एक बेहद जरूरी सिद्धांत है जिससे किसी भी हाल में समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सचेत किया कि Strait of Hormuz को बंद करना या इसे किसी भी तरह के दबाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल करना क्षेत्र के संकट को और ज्यादा गंभीर बना देगा। कतर ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे क्षेत्र के लोगों के हितों को ध्यान में रखकर बातचीत का रास्ता अपनाएं और अंतरराष्ट्रीय नियमों का सम्मान करें।
पाकिस्तान और अन्य देशों की मध्यस्थता का क्या है अपडेट?
इस पूरे मामले को सुलझाने में पाकिस्तान और कतर दोनों मिलकर बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख Field Marshal Asim Munir ने तेहरान में ईरान के विदेश मंत्री के साथ बैठक की है। वहीं कतर की एक बातचीत टीम भी 22 मई 2026 को तेहरान पहुंची थी ताकि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे विवाद को शांत किया जा सके। ईरान के विदेश मंत्री ने इस मुद्दे पर यूएन महासचिव के साथ-साथ तुर्की, ओमान और मिस्र के विदेश मंत्रियों से भी चर्चा की है। हालांकि ईरान ने अमेरिका के अड़ियल रवैये को बातचीत की राह में मुख्य बाधा बताया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कतर और ईरान के बीच यह बातचीत कब हुई?
कतर के प्रधानमंत्री और ईरान के विदेश मंत्री के बीच यह फोन कॉल शनिवार, 23 मई 2026 को हुई थी, जिसमें क्षेत्र की सुरक्षा पर चर्चा की गई।
Strait of Hormuz को लेकर कतर ने क्या रुख अपनाया है?
कतर ने स्पष्ट किया है कि Strait of Hormuz पर आवाजाही की आजादी बनी रहनी चाहिए और इसका इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
