Strait of Hormuz में तनाव बहुत बढ़ गया है और इस वजह से समुद्री जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है। कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman Al Thani ने अमेरिका और ईरान से अपील की है कि वे पुराने समझौते (MoU) का पालन करें। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा करना बहुत जरूरी है ताकि दुनिया भर का व्यापार प्रभावित न हो।

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कतर पीएम ने उन हमलों की कड़ी निंदा की जिनसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को खतरा है। उन्होंने साफ कहा कि अगर दोनों देश समझौते पर टिके रहते हैं, तो इस क्षेत्र में शांति बनी रहेगी और स्थिरता आएगी। कतर ने भरोसा दिलाया है कि वह मामले को सुलझाने के लिए बातचीत के प्रयासों में लगा हुआ है।

ईरान और अमेरिका के बीच खींचतान

दूसरी तरफ, ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Qalibaf ने 10 जुलाई को कहा कि Strait of Hormuz सिर्फ “ईरानी इंतजामों” से चलेगा, न कि “अमेरिकी धमकियों” से। ईरान का दावा है कि समझौते के आर्टिकल 5 के तहत जहाजों के आने-जाने का प्रबंधन उनके हाथ में है। वहीं, अमेरिकी नेवी ने जहाजों को दक्षिणी रास्ता इस्तेमाल करने की सलाह दी है, जबकि ईरान उत्तरी रास्ता इस्तेमाल करने का दबाव बना रहा है।

बड़ा असर और सैन्य तनाव

तनाव इतना बढ़ गया है कि जहाजों की संख्या में भारी गिरावट आई है। डेटा के मुताबिक, 8 जुलाई को जहां 21 जहाज गुजरे थे, वहीं 9 जुलाई की दोपहर तक यह संख्या घटकर सिर्फ 6 रह गई। कई जहाजों ने अपनी लोकेशन ट्रैक करने वाला सिस्टम (AIS) भी बंद कर दिया है ताकि उनकी जानकारी न मिल सके।

  • अमेरिका का रुख: राष्ट्रपति Donald Trump ने इस समझौते (MoU) को खत्म घोषित कर दिया है।
  • ईरान का हमला: ईरान ने दावा किया है कि उसने 10 जुलाई को बहरीन, कुवैत और कतर में स्थित अमेरिकी ठिकानों और रणनीतिक केंद्रों पर हमले किए।
  • अंतरराष्ट्रीय चेतावनी: IMO के महासचिव Arsenio Dominguez ने जहाज मालिकों को बिना वजह रिस्क न लेने की सलाह दी है।

इस बीच, पाकिस्तान और कतर के मध्यस्थ दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू कराने और इस समझौते को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल कुछ LNG टैंकर इस रास्ते से गुजरे हैं, लेकिन खतरा अब भी बना हुआ है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.