कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री, शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी ने हाल ही में वॉशिंगटन, D.C. में अमेरिकी अधिकारियों से महत्वपूर्ण बातचीत की है। यह मुलाकातें 26 और 27 मार्च, 2026 को हुई थीं। यह ऐसे समय में हुई हैं जब अमेरिका और इजरायल के बीच ईरान को लेकर युद्ध जारी है और खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना और क्षेत्रीय स्थिरता पर विचार करना था।

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कतर के प्रधानमंत्री ने किन अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात की?

शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी ने वॉशिंगटन यात्रा के दौरान कई वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात की। इनमें अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट और अमेरिकी युद्ध सचिव (रक्षा सचिव) पीट हेगसेथ शामिल थे। कतर के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने इन बैठकों की पुष्टि की और उनके एजेंडे की जानकारी दी।

बैठकों में किन मुख्य मुद्दों पर हुई बात?

इन उच्च-स्तरीय बैठकों में कतर और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच घनिष्ठ रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। विशेष रूप से, ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध के मद्देनजर रक्षा सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया, जिससे दोनों देशों के साझा हितों को पूरा किया जा सके। वैश्विक ऊर्जा बाजारों में हो रहे घटनाक्रमों पर भी ध्यान दिया गया। इसमें टिकाऊ ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने और कतर से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के स्थिर प्रवाह को बनाए रखने पर जोर दिया गया, ताकि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा बनी रहे। शेख मोहम्मद ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा के महत्व पर भी बल दिया। अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने कतर-अमेरिका के रणनीतिक संबंधों की ताकत की सराहना की और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने तथा वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा में कतर की सक्रिय भूमिका की प्रशंसा की। युद्ध सचिव के साथ बैठकों में क्षेत्रीय चुनौतियों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग को समर्थन और विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय मुद्दों पर निरंतर समन्वय और परामर्श पर जोर दिया।

क्षेत्रीय तनाव और युद्ध के बीच चर्चा का महत्व क्या है?

ये बातचीतें ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध से उपजे क्षेत्रीय तनाव के बीच हुईं। यह युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था, जिसके परिणामस्वरूप होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर खतरों सहित कई परिणाम सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमलों को टाल दिया है, शांति वार्ता का हवाला देते हुए। हालांकि, ईरान ने अमेरिकी प्रस्ताव को “एकतरफा और अनुचित” बताया है। कतर ने पहले भी ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध को “तत्काल” समाप्त करने का आह्वान किया है। इन बैठकों का महत्व यह है कि वे क्षेत्रीय शांति और ऊर्जा स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों देशों के साझा प्रयासों को दर्शाती हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.