दोहा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जासिम अल थानी ने ईरान को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि Strait of Hormuz का इस्तेमाल युद्ध में हथियार की तरह किया गया है। कतर ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान को खाड़ी देशों पर दबाव बनाने के लिए इस समुद्री रास्ते का उपयोग नहीं करना चाहिए।

Strait of Hormuz को लेकर कतर और तुर्की का क्या स्टैंड है?

कतर के प्रधानमंत्री ने कहा कि समुद्री रास्ते से जहाजों का आना-जाना एक बुनियादी नियम है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस रास्ते को बंद किया गया या इसे दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया, तो इससे संकट और गहरा होगा और पूरे क्षेत्र के देशों के हितों को खतरा होगा।

  • कतर का रुख: प्रधानमंत्री ने कहा कि ईरान को खाड़ी देशों को ब्लैकमेल करने के लिए इस जलमार्ग का उपयोग नहीं करना चाहिए।
  • तुर्की का समर्थन: तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान ने भी इस बात को दोहराया कि क्षेत्रीय स्थिरता और ग्लोबल इकोनॉमी के लिए इस रास्ते को हथियार नहीं बनाना चाहिए।
  • मध्यस्थता: कतर ने ईरान और अमेरिका के बीच शांतिपूर्ण तरीके से विवाद सुलझाने के लिए पूरी मदद देने की बात कही है।

इलाके में तनाव और मौजूदा हालात की क्या स्थिति है?

वर्तमान में Strait of Hormuz की स्थिति काफी गंभीर है। खबर है कि अमेरिका और ईरान दोनों ने यहाँ डबल ब्लॉकेड लगा रखा है, जिसकी वजह से बहुत कम जहाज यहाँ से गुजर पा रहे हैं। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान द्वारा अमेरिकी प्रस्ताव को ठुकराने के बाद सीजफायर की उम्मीद अब बहुत कम हो गई है।

  • ईरान की चेतावनी: ईरान के एक सांसद ने कहा कि अगर उन पर हमला हुआ तो वे यूरेनियम को हथियार ग्रेड तक समृद्ध कर सकते हैं।
  • इसराइल का हमला: कतर के प्रधानमंत्री ने लेबनान और गाज़ा में जारी इसराइली हमलों की भी निंदा की है।
  • अन्य घटनाएँ: रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले महीने यूएई ने ईरान पर गुप्त हमले किए थे, जबकि पाकिस्तान इस युद्ध को खत्म करने के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz का मुद्दा इतना बड़ा क्यों है?

यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है जहाँ से तेल और व्यापार का सामान गुजरता है। अगर यह रास्ता बंद होता है तो दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और ग्लोबल इकोनॉमी को बड़ा नुकसान होगा।

ईरान और अमेरिका के बीच क्या चल रहा है?

दोनों देशों के बीच भारी तनाव है और समुद्री रास्तों पर ब्लॉकेड लगा हुआ है। अमेरिका ने सीजफायर का प्रस्ताव दिया था जिसे ईरान ने खारिज कर दिया है, जिससे शांति की उम्मीदें कम हो गई हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com