Qatar Post ने शुरू की नई सर्विस, अब कतर से सीधे भारत भेज सकेंगे पैसे, जानिए नियम.

कतर में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब कतर पोस्ट ने भारत पैसे भेजने के लिए एक नई डिजिटल रेमिटेंस सर्विस की शुरुआत की है, जिससे लोगों का काम बेहद आसान हो गया है। इस नई सर्विस का नाम 'PosTransfer powered by UPI' रखा गया है, जो आधिकारिक तौर पर 15 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है। इस सेवा के आने से अब कतर में रहने वाले भारतीय सीधे अपने घर भारत में यूपीआई से जुड़े बैंक खातों में तुरंत पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे।
कैसे काम करती है यह नई यूपीआई सर्विस
इस सेवा का लाभ उठाने के लिए प्रवासियों को कतर पोस्ट के किसी भी चुनिंदा आउटलेट पर जाना होगा। वहां जाने के बाद भेजने वाले व्यक्ति को पाने वाले यानी रिसीवर की UPI ID और अपनी पहचान से जुड़े दस्तावेज यानी आईडी प्रूफ काउंटर पर देने होंगे। इस पूरी प्रक्रिया के बाद पैसे बेहद सुरक्षित तरीके से और बहुत कम समय में भारत पहुंच जाते हैं। भारतीय डायस्पोरा के लिए यह कदम वित्तीय लेनदेन को बहुत आसान और भरोसेमंद बनाता है, खासकर उन मजदूरों और कम आय वाले कामगारों के लिए जो अपने परिवार को हर महीने पैसे भेजते हैं।
कितना लगेगा चार्ज और क्या है तय सीमा
इस सर्विस के तहत पैसे भेजने के लिए एक तय सीमा और शुल्क बनाया गया है। एक बार में अधिकतम QAR 4,000 यानी भारतीय मुद्रा के हिसाब से लगभग ₹1,00,000 तक ही भेजे जा सकते हैं। इसके अलावा हर ट्रांजैक्शन पर कतर पोस्ट द्वारा QAR 15 का फ्लैट सर्विस चार्ज लिया जाएगा। भारत में पैसे मिलने के लिए जरूरी है कि रिसीवर का यूपीआई एप्लीकेशन एक्टिव हो, ताकि विदेशी पैसों की यह इनकमिंग रेमिटेंस सीधे उनके बैंक खाते में जमा हो सके। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप News On Air और ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं।
अधिकारियों ने इसे बताया ऐतिहासिक कदम
कतर में भारतीय दूतावास के चार्ज डी'अफेयर संदीप कुमार ने इस नई शुरुआत को दोनों देशों के बीच डिजिटल वित्तीय सहयोग में एक बड़ा मील का पत्थर बताया है। इस प्रोजेक्ट को तैयार करने में India Post, NPCI International Payments Limited और Universal Postal Union ने मिलकर काम किया है। अधिकारियों का यह भी कहना है कि इस सफल शुरुआत के बाद आने वाले समय में ऐसे ही पेमेंट कॉरिडोर दुनिया के अन्य देशों के साथ भी शुरू करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे विदेशों में रहने वाले भारतीयों को पैसे भेजने में कभी कोई परेशानी न आए।