Qatar Press Centre (QPC) ने 3 मई 2026 को World Press Freedom Day मनाया. इस मौके पर केंद्र ने पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस की आज़ादी को बचाने की बात कही. QPC ने कहा कि एक आज़ाद और ज़िम्मेदार मीडिया ही समाज में न्याय और पारदर्शिता ला सकता है. इस कार्यक्रम के दौरान दुनिया भर में मीडियाकर्मियों पर होने वाले हमलों पर गहरी चिंता जताई गई.

पत्रकारों की सुरक्षा और मौत के आंकड़े क्या कहते हैं?

Qatar Press Centre ने कुछ चौंकाने वाले आंकड़े साझा किए हैं. पिछले एक साल में दुनिया भर में 129 मीडियाकर्मियों की जान गई है, जो कि पिछले कई दशकों में सबसे ज़्यादा है. इसमें गाजा के हालात सबसे ज़्यादा खराब रहे हैं, जहाँ 262 पत्रकारों की मौत हुई है, जिनमें 38 महिला पत्रकार भी शामिल हैं. QPC ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और UN एजेंसियों से अपील की है कि वे युद्ध क्षेत्रों में पत्रकारों को सुरक्षा देने की अपनी ज़िम्मेदारी निभाएं.

अधिकारियों ने फेक न्यूज़ और प्रेस की आज़ादी पर क्या कहा?

  • Sadiq Mohammed Al Amari (QPC के डायरेक्टर जनरल) ने बताया कि दुनिया भर में प्रेस की आज़ादी कम हो रही है. उन्होंने कहा कि गलत जानकारियों (Misinformation) का प्रसार बढ़ रहा है, इसलिए खबरों की पुष्टि करना बहुत ज़रूरी है.
  • Arab League ने 2 मई को “Shaping a Future at Peace” थीम के तहत अपना बयान जारी किया. उन्होंने एक स्वतंत्र और विश्वसनीय मीडिया माहौल बनाने पर ज़ोर दिया.
  • Ambassador Ahmed Rashid Khattabi ने सोशल मीडिया और AI के ज़रिए फैल रही गलत खबरों और ऑनलाइन हिंसा पर चिंता जताई. उन्होंने अरब मीडिया कोड ऑफ ऑनर में किए गए बदलावों की सराहना की ताकि गलत अफवाहों को रोका जा सके.

Frequently Asked Questions (FAQs)

World Press Freedom Day कब मनाया गया और इसका मुख्य उद्देश्य क्या था?

यह दिन 3 मई 2026 को मनाया गया. इसका मुख्य उद्देश्य पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और प्रेस की आज़ादी को बढ़ावा देना था ताकि समाज में पारदर्शिता बनी रहे.

पिछले एक साल में पत्रकारों की मौत के आंकड़े क्या हैं?

QPC के अनुसार, पिछले एक साल में दुनिया भर में 129 मीडियाकर्मी मारे गए. अकेले गाजा में 262 पत्रकारों की जान गई, जिनमें 38 महिलाएं शामिल थीं.