कतर में बनी चीजें अब जमीन के रास्ते सऊदी अरब के जेद्दा पोर्ट तक पहुंचाई जा रही हैं। यहां से इन सामानों को अफ्रीका और यूरोप के देशों में भेजा जाएगा। सऊदी और कतर के बीच हुए नए समझौतों के बाद व्यापार का यह नया रास्ता खुला है। इससे न सिर्फ दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते मजबूत होंगे बल्कि माल की आवाजाही भी पहले से काफी तेज और आसान हो जाएगी।

व्यापार को आसान बनाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?

सऊदी पोर्ट्स अथॉरिटी (Mawani) और कतर पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी ने फरवरी 2026 में एक खास समझौता किया था। इसका मकसद दोनों देशों के बीच लॉजिस्टिक्स और समुद्री व्यापार को मजबूत करना है। इस समझौते के तहत पोर्ट मैनेजमेंट और नए रास्तों को लेकर जानकारी साझा की जा रही है। इससे व्यापार की दक्षता बढ़ेगी और सामान को कम समय में अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जा सकेगा।

नए नियमों से व्यापारियों और प्रवासियों को क्या होगा फायदा?

सऊदी अरब ने लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई सुविधाओं का ऐलान किया है। जेद्दा इस्लामिक पोर्ट पर सामान को लाने-ले जाने के लिए नए कॉरिडोर बनाए गए हैं। इसका सीधा फायदा व्यापार से जुड़े लोगों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में काम करने वाले भारतीयों को भी मिलेगा। कुछ प्रमुख बदलाव नीचे दिए गए हैं:

सुविधा का नाम नया नियम
स्टोरेज फीस GCC देशों के सामान के लिए 60 दिनों तक कोई फीस नहीं लगेगी
गाड़ियों की एंट्री खाली वाहनों को सामान ढोने के लिए बॉर्डर पार करने की इजाजत है
व्यापार मार्ग कतर से सऊदी के रास्ते अफ्रीका और यूरोप तक सीधी पहुंच

यह कदम सऊदी विजन 2030 और कतर नेशनल विजन 2030 के तहत उठाए जा रहे हैं। दिसंबर 2025 में कतर के अमीर और सऊदी क्राउन प्रिंस के बीच हुई बातचीत में भी व्यापारिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया था। इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com