कतर के रास लफान (Ras Laffan) इंडस्ट्रियल सिटी पर हुए ईरानी मिसाइल हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने इस गंभीर स्थिति पर चर्चा के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस, स्पेन व बहरीन के नेताओं से फोन पर बात की। इस हमले से दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बड़ा खतरा पैदा हो गया है। कतर ने अपनी संप्रभुता के उल्लंघन का हवाला देते हुए ईरानी दूतावास के सैन्य अधिकारियों को वापस जाने का आदेश दिया है।

हमले से कतर को कितना नुकसान हुआ?

कतर की सरकारी कंपनी QatarEnergy के मुताबिक इस हमले से देश की LNG एक्सपोर्ट क्षमता में 17% की कमी आई है। हमलों में दो LNG ट्रेनों और एक गैस-टू-लिक्विड प्लांट को काफी नुकसान पहुंचा है। कंपनी के CEO साद अल-काबी ने बताया कि इस नुकसान की वजह से कतर को हर साल करीब 20 अरब डॉलर की कमाई का घाटा हो सकता है।

जानकारों का मानना है कि इन प्लांट्स को फिर से पूरी तरह ठीक करने में 3 से 5 साल तक का समय लग सकता है। इससे आने वाले समय में यूरोप और एशिया के देशों को गैस की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। तेल और गैस क्षेत्र के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह सप्लाई लंबे समय तक बाधित रह सकती है।

दुनिया के देशों ने क्या प्रतिक्रिया दी?

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वैश्विक नेताओं ने फोन कॉल के दौरान इस हमले की कड़ी निंदा की है।
  • UAE ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और एक खतरनाक आतंकी हमला बताया है।
  • ओमान ने कहा है कि नागरिक ठिकानों और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाना पूरी तरह गलत है।
  • UN की शिपिंग एजेंसी IMO ने खाड़ी में नाविकों की सुरक्षा के लिए एक विशेष रास्ता बनाने की मांग की है।
  • इजरायल ने भविष्य में ऐसे खतरों से बचने के लिए अरब प्रायद्वीप से पाइपलाइन बिछाने का सुझाव दिया है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.