कतर के Ras Laffan इंडस्ट्रियल सिटी में रविवार शाम को एक बहुत बड़ा हादसा हो गया. यहाँ की Barzan गैस सप्लाई फैसिलिटी में जोरदार धमाका हुआ और भीषण आग लग गई. इस दर्दनाक हादसे में 12 भारतीय नागरिकों समेत कुल 13 लोगों की जान चली गई है, जबकि 66 लोग घायल हुए हैं.
इस हादसे में घायल हुए लोगों में कतर, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, केन्या, घाना, तंजानिया, नाइजीरिया और नेपाल के नागरिक शामिल हैं. अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक सभी घायलों की हालत अब स्थिर है और उनका इलाज चल रहा है. शुरुआत में 18 लोगों के लापता होने की खबर थी, लेकिन अब सर्च ऑपरेशन पूरा हो चुका है.
हादसे की वजह और सरकारी बयान
कतर के ऊर्जा राज्य मंत्री Saad al-Kaabi ने बताया कि यह हादसा किसी बाहरी हमले या साजिश का नतीजा नहीं था. उन्होंने कन्फर्म किया कि प्लांट में काम दोबारा शुरू करते समय किसी टेक्निकल खराबी की वजह से यह धमाका हुआ. बता दें कि इस प्लांट का काम दिसंबर 2025 से मेंटेनेंस के लिए बंद था और दो दिन पहले ही इसे फिर से शुरू किया गया था.
Qatari Ministry of Interior और QatarEnergy ने कहा कि सिविल डिफेंस की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुँचकर आग पर काबू पाया. अधिकारियों ने जनता को भरोसा दिलाया है कि वहां से किसी भी तरह की खतरनाक गैस लीक नहीं हुई है और पर्यावरण या आम लोगों को इससे कोई खतरा नहीं है. Ras Laffan के अन्य LNG एक्सपोर्ट प्लांट इस हादसे से प्रभावित नहीं हुए हैं.
भारतीय दूतावास की कार्रवाई
दौहा में भारतीय दूतावास ने 12 भारतीयों की मौत की पुष्टि की है. दूतावास के अधिकारी कतरी सरकार के साथ मिलकर मृतकों की पहचान कराने और उनके शवों को भारत भेजने की तैयारी कर रहे हैं. भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक जताया है.
प्रभावित परिवारों की मदद के लिए भारतीय दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर और ईमेल जारी किया है:
- हेल्पलाइन नंबर: +974-55647502 या +975-55384683
- ईमेल: cons.doha@mea.gov.in
यह Barzan फैसिलिटी मुख्य रूप से कतर में बिजली बनाने और पानी के ट्रीटमेंट के लिए गैस सप्लाई करती है. कतर सरकार ने साफ किया है कि इस हादसे का मार्च में हुए ईरानी मिसाइल हमलों से कोई लेना-देना नहीं है, यह पूरी तरह से एक ऑपरेशनल एक्सीडेंट था.
