Qatar के Ras Laffan इंडस्ट्रियल सिटी में हुए दर्दनाक हादसे के बाद अब शवों को भारत वापस लाने का काम शुरू हो गया है। यहाँ एक गैस फैसिलिटी में हुए धमाके में कई भारतीयों की जान चली गई थी। दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने अब इस प्रक्रिया की जानकारी साझा की है।
दूतावास ने बताया कि कुल 12 भारतीय नागरिकों की मौत हुई थी, जिनमें से 4 के शव गुरुवार, 25 जून 2026 को भारत भेजे जा रहे हैं। बाकी बचे 8 लोगों के शवों को भी जल्द से जल्द भारत लाने के लिए कोशिशें की जा रही हैं। दूतावास ने मृतकों के परिवारों और संबंधित अधिकारियों को इस बारे में पूरी जानकारी दे दी है।
हादसे की पूरी जानकारी
यह हादसा रविवार, 21 जून 2026 को Ras Laffan इंडस्ट्रियल सिटी के Barzan लोकल गैस सप्लाई प्लांट में हुआ था। बताया गया है कि ऑपरेशन के दौरान किसी तकनीकी खराबी की वजह से वहां धमाका हुआ और आग लग गई। कतर के इंटीरियर मंत्रालय ने शुरू में 13 मौतों और 66 लोगों के घायल होने की खबर दी थी, जिसमें से 12 लोग भारतीय थे।
सरकार और अधिकारियों की कार्रवाई
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: पीएम मोदी ने कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने इस दुखद घटना पर फोन कर अपनी संवेदना व्यक्त की थी।
- MEA: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत सरकार शवों की पहचान और उन्हें वापस लाने के लिए कतर प्रशासन के संपर्क में है।
- कतर सरकार: कतर के ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री और QatarEnergy के सीईओ साद बिन सऊद अल-काबी ने 24 जून को दूतावास जाकर शोक जताया।
दूतावास ने उन भारतीयों का भी हाल जाना है जो इस हादसे में घायल हुए थे और उनकी सेहत पर नजर रखी जा रही है। दूतावास ने कतर प्रशासन और भारतीय कम्युनिटी संगठनों ने इस मुश्किल घड़ी में सहयोग के लिए आभार जताया है। फिलहाल धमाके के कारणों की तकनीकी जांच चल रही है। अधिकारियों ने साफ किया है कि यह एक औद्योगिक हादसा था और इससे कतर के एलएनजी (LNG) एक्सपोर्ट पर कोई असर नहीं पड़ा है।
