कतर सरकार ने अपने Ras Laffan LNG प्लांट में काम रोकने के फैसले पर बड़ी सफाई दी है। सरकार का कहना है कि यह कदम वहां काम करने वाले कर्मचारियों की जान बचाने के लिए उठाया गया। यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक अमेरिकी अखबार ने इस फैसले पर सवाल उठाए थे।
वाशिंगटन पोस्ट के आरोपों को किया खारिज
12 जून 2026 को कतर के इंटरनेशनल मीडिया ऑफिस ने The Washington Post की रिपोर्ट को पूरी तरह गलत बताया। अखबार ने आरोप लगाया था कि कतर ने ईरान के फायदे के लिए या किसी राजनीतिक दबाव में गैस उत्पादन रोका है। कतर सरकार ने साफ किया कि उन्होंने केवल अपनी सेना की चेतावनी और कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया। QatarEnergy ने भी कहा कि उनके लिए व्यापार से ज्यादा लोगों की जान जरूरी है और उन्होंने तथ्यों को सही तरीके से पेश किया है।
ईरान के हमलों से भारी नुकसान
मार्च 2026 में ईरान ने Ras Laffan और Mesaieed इंडस्ट्रियल सिटी पर मिसाइल हमले किए थे। इस हमले में गैस प्लांट के ट्रेन 4 और 6 को काफी नुकसान पहुंचा। कतर के मुताबिक इन यूनिट्स को ठीक करने में 3 से 5 साल का समय लगेगा। इस वजह से कतर को हर साल करीब 20 अरब डॉलर के राजस्व का नुकसान होगा। इसी वजह से कतर ने कुछ कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए ‘फोर्स मेज्योर’ (Force Majeure) घोषित किया है, जिसका मतलब है कि वह फिलहाल सप्लाई नहीं कर पाएगा।
इन देशों पर पड़ेगा असर
गैस की सप्लाई रुकने से कई देशों के साथ हुए लंबे समय के समझौतों पर असर पड़ा है। इसमें मुख्य रूप से ये देश शामिल हैं:
- China
- South Korea
- Italy
- Belgium
