सिंगापुर में आयोजित सुरक्षा मंच Shangri-La Dialogue में कतर के उप प्रधानमंत्री और रक्षा राज्य मंत्री शेख सऊद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ किया है कि कतर Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर किसी भी तरह के स्थायी यानी हमेशा के लिए लगने वाले टैक्स को स्वीकार नहीं करेगा। कतर का कहना है कि इससे दुनिया भर में जरूरी सामानों की कीमतें बढ़ेंगी जिससे आम लोगों पर बोझ पड़ेगा। हालांकि, कुछ खास कामों के लिए अस्थाई रूप से बातचीत की जा सकती है।

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Strait of Hormuz पर कतर ने स्थायी टैक्स को क्यों किया खारिज?

कतर के रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि स्थायी रूप से टैक्स लगाने से जहाजों का खर्च बढ़ेगा, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। कतर और उसके खाड़ी देश इस फैसले के खिलाफ हैं।

  • प्राकृतिक समुद्री रास्ता: कतर का मानना है कि Strait of Hormuz एक प्राकृतिक समुद्री रास्ता है और इसका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय विवादों में दबाव बनाने के लिए नहीं होना चाहिए।
  • अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन: कतर ने पहले भी साफ किया था कि इस रास्ते को रोकना या इस पर आवाजाही बाधित करना अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन है।
  • संयुक्त चेतावनी: हाल ही में कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के जरिए चेतावनी जारी की थी कि जहाजों को ईरान द्वारा मांगे जा रहे अवैध शुल्कों का भुगतान नहीं करना चाहिए।

क्या कतर किसी भी तरह का चार्ज देने के लिए तैयार है?

कतर के उप प्रधानमंत्री शेख सऊद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने कहा कि वे पूरी तरह से बातचीत के दरवाजे बंद नहीं कर रहे हैं। विशेष परिस्थितियों में अस्थाई शुल्कों पर विचार किया जा सकता है।

  • सुरक्षा के लिए अस्थाई चार्ज: समुद्र से बारूदी सुरंगों को हटाने यानी mine-clearing कार्यों के लिए अस्थाई चार्ज पर चर्चा की जा सकती है।
  • सुरक्षित नौवहन की बहाली: इस जलमार्ग में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और सुरक्षित आवाजाही को फिर से बहाल करने के उद्देश्य से लगने वाले अस्थाई शुल्कों पर बातचीत संभव है।
  • तनाव कम करने का प्रयास: कतर इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे और व्यापारिक जहाजों को बिना किसी बाधा के सुरक्षित रास्ता मिल सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz पर टैक्स लगने से आम जनता और प्रवासियों पर क्या असर होगा?

इस समुद्री रास्ते से दुनिया का एक बड़ा व्यापार और तेल की सप्लाई होती है। इस पर अतिरिक्त शुल्क या टैक्स लगने से जहाजों का खर्च बढ़ेगा, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और दुनिया भर में तेल और रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं।

कतर इस पूरे मामले में क्या भूमिका निभा रहा है?

कतर एक तरफ खाड़ी सहयोग परिषद के साथ मिलकर ईरान की हरकतों पर नजर रख रहा है, वहीं दूसरी तरफ वह अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश भी कर रहा है ताकि बातचीत के जरिए तनाव को कम किया जा सके।