कतर की इंटरनेशनल मीडिया ऑफिस (IMO) ने वाशिंगटन पोस्ट के उन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि कतर ईरान के साथ ऊर्जा समन्वय (Energy Coordination) कर रहा है। कतर ने इन खबरों को पूरी तरह आधारहीन और गलत बताया है। सरकार का कहना है कि उनके सभी फैसले सिर्फ कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिए गए थे।

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क्या थे आरोप और कतर का जवाब

Washington Post ने 12 जून 2026 को एक रिपोर्ट छापी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि कतर ने ऊर्जा उत्पादन को लेकर ईरान के साथ तालमेल किया ताकि अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध पर असर डाला जा सके। कतर की इंटरनेशनल मीडिया ऑफिस ने इसे एक ‘दुष्प्रचार अभियान’ करार दिया है। कतर ने साफ किया कि यह खबर पूरी तरह झूठी है और इसका मकसद देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को खराब करना है।

सुरक्षा कारणों से लिया गया फैसला

कतर ने स्पष्ट किया कि Ras Laffan LNG फैसिलिटी में काम रोकने या ‘फोर्स मेज्योर’ घोषित करने का फैसला केवल सुरक्षा के लिए था। उस समय ईरान की मिसाइलों ने कतर के इलाकों को निशाना बनाया था। Qatari Armed Forces ने खतरे का आकलन किया था, जिसके बाद कर्मचारियों की जान बचाने के लिए यह कदम उठाया गया। कतर का कहना है कि जब वह ईरान के हमलों से खुद को बचा रहा था, तब ईरान के साथ तालमेल की बात करना बिल्कुल बेतुका है।

अमेरिका के साथ रिश्तों पर असर डालने की कोशिश

कतर सरकार का मानना है कि ऐसी खबरें उन लोगों द्वारा फैलाई जा रही हैं जो क्षेत्र में शांति प्रयासों और मध्यस्थता को रोकना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के झूठ से कतर और अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। IMO ने Washington Post के प्रति गहरा दुख जताया कि उन्होंने पत्रकारिता के मानकों का पालन नहीं किया और बिना जांचे-परखे इस खबर को छापा।

QatarEnergy की पारदर्शिता

कतर ने अपनी सरकारी ऊर्जा कंपनी QatarEnergy का बचाव करते हुए कहा कि कंपनी हमेशा पारदर्शी रही है। उन्होंने उन सभी बातों को नकार दिया जिनमें कहा गया था कि कंपनी ने कामकाज रोकने के असली कारणों को छिपाया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.