कतर में रहने वाले प्रवासियों के लिए एक ज़रूरी जानकारी सामने आई है। अगर आपका रेजिडेंस परमिट (RP) कैंसिल होता है, तो अब आपको देश छोड़ने के लिए पहले से कम समय मिलेगा। नए नियमों के मुताबिक, अब आपको परमिट कैंसिल होने के 14 दिनों के भीतर कतर छोड़ना होगा।

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यह जानकारी Ministry of Interior (MoI) के एयरपोर्ट पासपोर्ट विभाग के कैप्टन अली अहमद अली अल-कुवारी ने 15 जून 2026 को एक वेबिनार के दौरान दी। उन्होंने बताया कि पहले रेजिडेंस परमिट कैंसिल होने के बाद देश छोड़ने के लिए 30 दिन का समय मिलता था, लेकिन अब इसे घटाकर सिर्फ 14 दिन कर दिया गया है।

जुर्माने का नियम
जो लोग 14 दिन की इस समय सीमा के बाद भी कतर में रुकेंगे, उन्हें ओवरस्टे के लिए जुर्माना देना होगा। नियम के अनुसार, तय समय के बाद रुकने पर 10 कतरी रियाल (QR10) प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगेगा।

Metrash App का इस्तेमाल
प्रवासी Metrash App का उपयोग करके अपने ट्रैफिक उल्लंघन, ओवरस्टे जुर्माना और अन्य बकाये की जाँच कर सकते हैं। यात्रा पर निकलने से पहले इस ऐप के ज़रिए सभी बकाया राशि का इलेक्ट्रॉनिक भुगतान किया जा सकता है।

परमिट कैंसिल कराने के तरीके में बदलाव

मेनलैंड कतर में काम करने वाले प्रवासियों और कंपनियों के लिए रेजिडेंस परमिट कैंसिल कराने की प्रक्रिया में भी बदलाव हुआ है। फरवरी 2025 से लागू नए नियम के मुताबिक, अब कंपनियों को पहले Ministry of Labor (MoL) से कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने की मंज़ूरी लेनी होगी, उसके बाद ही Ministry of Interior (MoI) में आवेदन किया जा सकेगा।

  • प्रोसेसिंग समय: इस नए तरीके की वजह से अब परमिट कैंसिल होने में 2 से 4 वर्किंग दिन लग रहे हैं, और कुछ मामलों में यह समय 5 से 7 दिन तक भी जा सकता है।
  • कर्मचारी की सहमति: अब कंपनी को कर्मचारी का कतरी मोबाइल नंबर देना होगा। Ministry of Labor की तरफ से कर्मचारी को एक SMS भेजा जाएगा और उसकी सहमति मिलने के बाद ही आवेदन आगे बढ़ेगा।
  • छूट: यह नया नियम Qatar Financial Centre (QFC) फ्री ज़ोन में आने वाली कंपनियों पर लागू नहीं होता है।
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.