कतर के म्यूनिसिपैलिटी मंत्री अब्दुल्ला बिन हमद बिन अब्दुल्ला अल अत्तियाह ने 15 मार्च 2026 को सऊदी अरब से लगने वाले ‘अबू समरा’ बॉर्डर क्रॉसिंग का दौरा किया। उन्होंने इस पोर्ट को कतर में सामान और खाने-पीने की चीजों के लिए एक महत्वपूर्ण पिलर बताया है। हाल ही में समुद्री और हवाई रास्तों में आई परेशानी के बाद, अब सऊदी अरब के रास्ते सड़क मार्ग से सामान लाने पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है। इसका सीधा असर कतर में रहने वाले आम लोगों और वहां काम करने वाले प्रवासियों पर पड़ेगा, क्योंकि इससे बाजारों में खाने-पीने की चीजों की कमी नहीं होगी।

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अबू समरा बॉर्डर पर क्या हैं नए नियम और सुविधाएं

कतर और सऊदी अरब के बीच इस बॉर्डर पर सामान की आवाजाही को आसान बनाने के लिए कई डिजिटल सिस्टम लागू किए गए हैं। कस्टम क्लीयरेंस को तेज करने के लिए Al-Nadeeb और TIR सिस्टम का इस्तेमाल हो रहा है, जिससे बिना पेपर वर्क के काम हो जाता है। इसके अलावा बॉर्डर पर आने वाली विदेशी गाड़ियों के लिए भी नियम बदले गए हैं।

  • MSAR Platform: 1 फरवरी 2026 से सभी विदेशी गाड़ियों को ऑनलाइन MSAR प्लेटफॉर्म से ही Insurance लेना होगा। बॉर्डर पर अब हाथों-हाथ इंश्योरेंस नहीं मिलेगा।
  • Pre-registration: बॉर्डर पर लाइन से बचने के लिए कतर के निवासियों को Metrash2 ऐप और विजिटर्स को Hayya Portal पर पहले ही रजिस्ट्रेशन करने की सलाह दी गई है।
  • Insurance Options: गाड़ियों के लिए 1 से 2 हफ्ते का शॉर्ट-टर्म या 1 महीने से ज्यादा का लॉन्ग-टर्म कवर ऑनलाइन लिया जा सकता है।

बाजार में सामान की सप्लाई और ट्रकों का समय

अबू समरा क्रॉसिंग अब 24 घंटे काम कर रही है। खाने-पीने के सामान, दवाइयों और जल्दी खराब होने वाले सामानों के लिए स्पेशल फास्ट-ट्रैक लेन बनाई गई है। बॉर्डर पर ट्रकों की भीड़ ज्यादा होने के कारण कमर्शियल ट्रकों को पार करने में फिलहाल 24 से 48 घंटे का समय लग रहा है।

कतर के अधिकारियों ने साफ किया है कि इस बॉर्डर के लगातार चालू रहने से Al-Sailiya Central Market में खाने-पीने का सामान भरपूर मात्रा में मौजूद है और कीमतें भी स्थिर हैं। कतर चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी शिपिंग कंपनियों से कहा है कि वे बिना रुकावट सामान लाने के लिए TIR सिस्टम का ही इस्तेमाल करें। इस व्यवस्था से कतर में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को रोजमर्रा की चीजों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.