कतर के गृह मंत्री शेख खलीफा बिन हमद बिन खलीफा अल-थानी ने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया है कि देश में सुरक्षा के हालात पूरी तरह से स्थिर हैं. संबंधित विभाग और सुरक्षा एजेंसियां क्षेत्रीय गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही हैं. कतर में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह काफी राहत की खबर है.

प्रवासियों और नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए हैं. आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सभी विभाग सिविल डिफेंस काउंसिल के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

कतर में खाने और दवाओं का भारी स्टॉक

कतर सरकार ने किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए अपनी रणनीतिक तैयारी पूरी कर ली है. खाने-पीने से लेकर दवाइयों तक का पूरा इंतजाम किया गया है जिससे आम लोगों और विदेशी कामगारों को कोई परेशानी ना हो.

  • खाद्य भंडार (Food reserves) की क्षमता को 9 महीने से बढ़ाकर 18 महीने तक के लिए कर दिया गया है.
  • जरूरी दवाओं का स्टॉक आने वाले 9 महीने के लिए सुरक्षित रखा गया है.
  • अस्पतालों के लिए अन्य मेडिकल सप्लाई 12 महीने तक के लिए मौजूद है.
  • पूरे देश में करीब 4 महीने की खपत के बराबर पानी का रिजर्व स्टॉक रखा गया है.

हालिया हमले और कतर सेना की कार्रवाई

हाल ही में कतर की सेना ने ईरान की तरफ से आए 4 बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया. इस घटना के दौरान आम लोगों की तरफ से 5,000 से ज्यादा रिपोर्ट दर्ज कराई गई. देश में 600 से अधिक जगहों पर मिसाइल या ड्रोन का मलबा गिरने की सूचना मिली.

इन घटनाओं की वजह से 26 से ज्यादा लोगों को चोटें आईं जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में किया गया. वहीं कतर में फंसे 7,000 से ज्यादा विजिटर्स को सीमित उड़ानों के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया. सुरक्षा के लिए नेशनल वार्निंग सिस्टम को भी अलर्ट पर रखा गया था.

प्रवासियों के लिए मौजूदा नियम और सुरक्षा गारंटी

कतर सरकार ने नेशनल कमांड सेंटर को सातों दिन 24 घंटे पूरी तरह एक्टिव रखा है. एहतियात के तौर पर कई कंपनियों और दफ्तरों में अभी भी रिमोट वर्क (Remote work) की नीति लागू रखी गई है ताकि लोग अपने घरों में सुरक्षित काम कर सकें.

अमेरिका ने भी कतर की सुरक्षा को लेकर अपनी बात साफ की है. अमेरिका ने कहा है कि कतर की जमीन या वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला कोई भी हमला अमेरिका की शांति के लिए खतरा माना जाएगा. जरूरत पड़ने पर अमेरिका कूटनीतिक, आर्थिक और सैन्य कदम उठाने के लिए तैयार है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.