Qatar के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान ने दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय संबंध मंत्री रोनाल्ड लमोला से फोन पर बातचीत की है। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र में हो रहे सैन्य तनाव और सुरक्षा के हालातों पर चर्चा की। कतर ने अपनी धरती पर हो रहे ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है और इसे पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। सुरक्षा को देखते हुए कतर में सरकारी कर्मचारियों के लिए 70 प्रतिशत तक वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) लागू कर दिया गया है।

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हमले के बाद कतर सरकार का सख्त कदम और UN में शिकायत

कतर ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UN Security Council) को 7वीं बार आधिकारिक शिकायत भेजी है। इसमें कतर ने UN चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत अपनी सुरक्षा का अधिकार जताया है। कतर की सेना ने 9 मार्च को 17 बैलिस्टिक मिसाइल और 6 ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। कतर सरकार ने साफ कहा है कि पानी, बिजली और ऊर्जा से जुड़ी सुविधाओं को निशाना बनाना बेहद खतरनाक कदम है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

फ्लाइट्स और प्रवासियों पर क्या हो रहा है असर

इस सैन्य तनाव का सीधा असर आम जनता, प्रवासियों और यात्रियों पर पड़ रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कतर एयरवेज (Qatar Airways) ने अपनी कुछ उड़ानों को फिलहाल सस्पेंड रखा है। वहीं, एमिरेट्स (Emirates) और एतिहाद (Etihad) ने बहुत सीमित रूप से अपनी सेवाएं शुरू की हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक न्यूज एजेंसियों (WAM या QNA) की खबरों पर ही भरोसा करें। आसमान से गिरने वाले मिसाइल के मलबे को लेकर भी सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया है।

शांति के लिए कतर और दक्षिण अफ्रीका की अपील

फोन पर हुई बातचीत के दौरान दक्षिण अफ्रीका के मंत्री ने हालात को शांत करने और कूटनीति का रास्ता अपनाने पर जोर दिया। कतर के पीएम ने भी स्पष्ट किया कि उनका देश हमेशा से ईरान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच बातचीत का पक्षधर रहा है। दोनों देशों ने अपील की है कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखने के लिए इस सैन्य तनाव को तुरंत रोका जाना चाहिए। आम जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।