कतर सरकार ने ईरान के डिप्टी एम्बेसडर को तलब किया है। यह कदम कतर के तेल टैंकर Al Rekayyat पर हुए हमले के बाद उठाया गया है। यह हमला Strait of Hormuz के पास हुआ, जो दुनिया के लिए तेल सप्लाई का एक बहुत ज़रूरी रास्ता है।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed Al Ansari ने साफ़ कहा कि इस हमले के लिए ईरान पूरी तरह से कानूनी तौर पर ज़िम्मेदार है। उन्होंने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और कहा कि इससे दुनिया की एनर्जी सिक्योरिटी को सीधा खतरा पहुँचा है।

दोनों देशों के बीच तनाव काफी समय से बढ़ रहा है। इससे पहले 28 फरवरी 2026 को कतर ने ईरान के एम्बेसडर Ali Salehabadi को भी बुलाया था, ताकि कतर की संप्रभुता के उल्लंघन का विरोध किया जा सके। इसके अलावा, कतर ने ओमान के Duqm पोर्ट और वहाँ के एक तेल टैंकर पर हुए ईरानी हमलों की भी कड़ी निंदा की है और इसे एक गलत कदम बताया है।

पूरे इलाके में इस वक्त काफी तनाव है और अब तक इस संघर्ष में 3,000 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इस लड़ाई में अब लेबनान और इसराइल भी शामिल हो चुके हैं। ख़बरों के मुताबिक, इसराइल ने ईरान की फेंटानिल (fentanyl) उत्पादन सुविधाओं को भी निशाना बनाया है।

हालात बिगड़ते देख अमेरिका ने इलाके में हज़ारों अतिरिक्त सैनिक तैनात कर दिए हैं। वहीं, राष्ट्रपति Trump ने कहा कि यह पूरा विवाद दो हफ्तों के अंदर खत्म हो सकता है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.