कतर ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में पाकिस्तान की अहम भूमिका का समर्थन किया है। कतर के विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि वह इस शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान के साथ है ताकि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सके। इसके साथ ही कतर ने गाज़ा में युद्ध रोकने और लेबनान पर हो रहे हमलों को लेकर भी अपनी बात रखी है।
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USA और ईरान के बीच मध्यस्थता
कतर के प्रधानमंत्री के सलाहकार और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Majed bin Mohammed Al-Ansari ने बताया कि कतर, पाकिस्तान द्वारा की जा रही मध्यस्थता का पूरा समर्थन करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कतर खुद अलग से कोई बातचीत नहीं करा रहा है, बल्कि पाकिस्तान ही इस मामले में मुख्य मध्यस्थ है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता (MoU) हुआ है, जिस पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। Al-Ansari ने उन खबरों को गलत बताया जिनमें कहा गया था कि कतर ने इस समझौते के लिए कोई पैसा दिया है या ईरान के साथ बिजली कनेक्शन का कोई करार किया है।
गाज़ा युद्ध और शांति प्रयास
गाज़ा के मामले पर Al-Ansari ने कहा कि कतर युद्ध खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें कर रहा है और वह अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के प्रस्तावित प्लान का समर्थन करता है। इसी बीच, फ्रांस में हुए G7 समिट में मिस्र के राष्ट्रपति Abdel Fattah al-Sisi, कतर के अमीर और UAE के राष्ट्रपति ने मुलाकात की, जहाँ क्षेत्रीय स्थिरता और फिलिस्तीन के मुद्दे पर चर्चा हुई।
अरब लीग के अधिकारी Ambassador Faed Mustafa ने भी गाज़ा के लोगों के दुख को कम करने में कतर की प्रभावशाली भूमिका की तारीफ की है।
लेबनान पर हमलों को लेकर चेतावनी
कतर ने इसराइल द्वारा लेबनान पर किए जा रहे हमलों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। कतर के विदेश मंत्रालय ने लेबनानी सेना के सैनिकों की मौत पर गहरा दुख जताया और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
- कतर ने इसराइल के हमलों को एक खतरनाक कदम बताया है।
- मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की है कि वे इसराइल को लेबनान पर हमले रोकने के लिए मजबूर करें।
- कतर ने UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 को पूरी तरह लागू करने पर जोर दिया है।