कतर ने हाल ही में सऊदी अरब के खिलाफ हूती गुट द्वारा दी गई धमकियों की कड़ी निंदा की है। कतर के विदेश मंत्रालय ने 21 जुलाई 2026 को यह साफ कर दिया है कि वे सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। सरकार का कहना है कि सऊदी अरब की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए जो भी कदम उठाए जाएंगे, उसमें कतर पूरी तरह साथ खड़ा है।
📰: Red Sea में हूतियों की धमकी पर Qatar सख्त, सऊदी अरब के समर्थन में यूएन से की कार्रवाई की मांग।
समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थन
कतर ने इस बात पर जोर दिया है कि सऊदी अरब की सुरक्षा ही पूरे GCC देशों की सुरक्षा का हिस्सा है। हूती गुट ने 20 जुलाई को सऊदी अरब पर समुद्री नाकेबंदी करने की धमकी दी थी, जिसके जवाब में कतर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे UN सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों, खासकर प्रस्ताव 2216 और प्रस्ताव 2722 का पालन करें। कतर का मानना है कि लाल सागर में जहाजों की आवाजाही अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत सुरक्षित होनी चाहिए।
सऊदी अरब की कार्रवाई
हूती गुट ने पिछले कुछ दिनों में सऊदी अरब के ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं और सना एयरपोर्ट पर हमले का आरोप भी लगाया है। इन धमकियों के बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने साफ कहा है कि वे अपनी समुद्री सीमाओं और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाएंगे। बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए गठबंधन ने पहले ही पुख्ता इंतजाम करने की बात कही है।
