कतर के विदेश मंत्रालय ने युद्ध में शामिल सभी पक्षों से एक बड़ी अपील की है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने 31 मार्च 2026 को बयान जारी कर कहा कि युद्ध के दौरान ऊर्जा और परमाणु बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने से हर हाल में बचना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है और कई देशों के तेल और गैस केंद्रों पर हमले की खबरें सामने आई हैं। कतर ने साफ किया है कि इन महत्वपूर्ण ठिकानों को नुकसान पहुंचने से दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा को भारी खतरा हो सकता है।

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ऊर्जा ठिकानों पर हमलों से जुड़ी बड़ी बातें

  • मार्च 18, 2026: कतर के Ras Laffan LNG कॉम्प्लेक्स पर ड्रोन से हमला हुआ था, जिससे वहां गैस का उत्पादन अस्थायी रूप से रुक गया था।
  • मार्च 19, 2026: कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने ऊर्जा ठिकानों पर मिसाइल हमलों के बाद युद्ध को तुरंत रोकने की मांग की थी।
  • सऊदी अरब और UAE: सऊदी अरब के अल-खर्ज में ड्रोन का मलबा गिरने से नुकसान हुआ है, वहीं UAE ने भी ईरान की ओर से आने वाले मिसाइल खतरों को नाकाम करने की पुष्टि की है।
  • कुवैत तेल टैंकर: दुबई के तट के पास कुवैत के एक तेल टैंकर में हमले के बाद आग लग गई थी, जिसे बाद में बुझाया गया।

परमाणु और ऊर्जा केंद्रों की सुरक्षा के नियम क्या हैं?

अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून (IHL) के मुताबिक, परमाणु बिजली घरों और ऊर्जा ठिकानों को सुरक्षा दी गई है। जेनेवा कन्वेंशन का आर्टिकल 56 साफ कहता है कि अगर किसी हमले से खतरनाक रेडियोधर्मी रिसाव या आम लोगों को भारी नुकसान होने का डर हो, तो ऐसे ठिकानों पर हमला नहीं किया जाना चाहिए। IAEA जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भी बार-बार चेतावनी दी है कि परमाणु केंद्रों को युद्ध से दूर रखना चाहिए ताकि किसी बड़ी मानवीय त्रासदी से बचा जा सके।

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर इसका असर

खाड़ी देशों में लाखों भारतीय और अन्य विदेशी प्रवासी रहते हैं और काम करते हैं। ऊर्जा केंद्रों या रिफाइनरी पर होने वाले हमलों का सीधा असर तेल की कीमतों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। कतर की यह अपील न केवल सुरक्षा के लिहाज से जरूरी है, बल्कि यह उन हजारों प्रवासियों की नौकरियों और सुरक्षा से भी जुड़ी है जो इन उद्योगों में काम करते हैं। अगर ऊर्जा की सप्लाई में बाधा आती है, तो इससे पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ सकती है और खाड़ी देशों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.