कतर (Qatar) ने ईरान (Iran) को साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक हमले पूरी तरह से बंद नहीं होते, तब तक दोनों देशों के बीच कोई कूटनीतिक बातचीत नहीं होगी। कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे इन हमलों से पूरी दुनिया की इकॉनमी पर भारी असर पड़ सकता है। हाल ही में कतर ने अपनी सीमा के पास कई ईरानी मिसाइलों और ड्रोन्स को नष्ट किया है। इसके बाद कतर ने ईरान के साथ सभी संपर्क फिलहाल रोक दिए हैं और अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है।

ℹ: Saudi Govt New Decision: सऊदी सरकार का बड़ा फैसला, 2026 को घोषित किया गया ‘Year of AI’, किंग फहद लाइब्रेरी के लिए भी नया नियम

कतर पर हमले और एयर डिफेंस का एक्शन

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की तरफ से एक माफीनामे की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद 10 मार्च तक खाड़ी देशों पर हमले जारी रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने इसकी पुष्टि की है। कतर के एयर डिफेंस सिस्टम ने हाल ही में ईरान की 6 बैलिस्टिक मिसाइल, 2 क्रूज मिसाइल और 9 ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया है।

कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने ईरान के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे कतर की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है। संयुक्त राष्ट्र (UN) चार्टर के आर्टिकल 51 के तहत अपनी रक्षा का अधिकार जताते हुए कतर ने अपनी सैन्य तैयारी तेज कर दी है। खाड़ी देशों के ऊपर का एयरस्पेस भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इससे हर साल सफर करने वाले 35 करोड़ यात्रियों और प्रवासियों की उड़ानों पर असर पड़ रहा है।

दुनिया भर के मार्केट और महंगाई पर क्या होगा असर

कतर ने सुरक्षा कारणों से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG), फर्टिलाइजर और पॉलीमर जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई रोक कर फोर्स मेज्योर (Force Majeure) लागू कर दिया है। दुनिया भर में LNG की 20 प्रतिशत सप्लाई कतर से ही होती है। कतर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा यूरिया उत्पादक भी है, जिसके पास 10 प्रतिशत बाजार है। सप्लाई रुकने से खेती, अनाज की कीमतों और फूड सिक्योरिटी पर सीधा असर पड़ेगा। मेडिकल उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली हीलियम की 35 प्रतिशत सप्लाई भी कतर करता है, जो अब खतरे में है।

कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने साफ कहा है कि अगर यह तनाव कुछ हफ्ते और चला, तो कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल और गैस की कीमत 40 डॉलर प्रति MMBtu तक पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि कारखानों की सप्लाई चेन टूट रही है और अगर युद्ध आज खत्म भी हो जाए, तो सामान्य डिलीवरी साइकिल में लौटने में कई महीने लग सकते हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.