मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका (MENA) के देशों में कचरा पैदा करने की रफ्तार दुनिया के औसत से ज्यादा हो गई है। इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए कतर अब बड़े बदलाव कर रहा है। सरकार ने कचरे को कम करने और उसे फिर से इस्तेमाल करने के लिए कड़े नियम बनाए हैं, जिनमें लापरवाही बरतने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
MENA क्षेत्र में कचरे का बढ़ता संकट
World Bank की जनवरी 2026 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, MENA क्षेत्र में कचरे की समस्या काफी बढ़ गई है। यहाँ हर इंसान रोजाना औसतन 0.9 किलो कचरा पैदा करता है, जबकि पूरी दुनिया का औसत 0.79 किलो है। GCC देशों में तो यह आंकड़ा और भी ज्यादा यानी 1.4 से 1.8 किलो प्रति व्यक्ति है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि यहाँ पैदा होने वाले कचरे का 10% से भी कम हिस्सा रिसायकल या दोबारा इस्तेमाल किया जाता है।
| विवरण | MENA क्षेत्र | वैश्विक औसत |
|---|---|---|
| प्रतिदिन कचरा (प्रति व्यक्ति) | 0.9 kg | 0.79 kg |
| रिसाइक्लिंग दर | 10% से कम | – |
| वार्षिक कचरा उत्पादन | 155 मिलियन टन | – |
| GCC देशों में कचरा | 1.4 – 1.8 kg | – |
रिपोर्ट में बताया गया कि गलत तरीके से कचरा ठिकाने लगाने की वजह से क्षेत्र को हर साल करीब 7.2 अरब डॉलर का पर्यावरणीय नुकसान हो रहा है। इसमें सबसे ज्यादा हिस्सा ऑर्गेनिक कचरे का है, जो कुल कचरे का 57% है। सिर्फ खाने की बर्बादी से ही इस क्षेत्र को सालाना 60 अरब डॉलर का नुकसान हो रहा है।
कतर का मास्टर प्लान और 2030 का लक्ष्य
कतर अपने ‘National Vision 2030’ के तहत पर्यावरण की रक्षा कर रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक देश के 95% कचरे को रिसायकल किया जाए। इसके लिए Mesaieed में एक बहुत बड़ा Domestic Solid Waste Management Center (DSWMC) बनाया गया है। यह सेंटर हर साल करीब 8.28 लाख टन घरेलू कचरे को प्रोसेस करता है, जिससे बिजली और खाद बनाई जा रही है।
इसके अलावा, Mesaieed इंडस्ट्रियल एरिया में ‘Al Afjah Recycling Hub’ विकसित किया जा रहा है। यहाँ ई-वेस्ट और कंस्ट्रक्शन के मलबे जैसे खास कचरे को प्रोसेस करने के लिए 51 औद्योगिक प्लॉट दिए गए हैं।
कचरा अलग न करने पर लगेगा भारी जुर्माना
कतर की Ministry of Municipality ने कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग करने का प्रोग्राम शुरू किया है। इसके लिए मार्च 2025 में एक डिजिटल ऐप लॉन्च किया गया है जो कचरा अलग करने की निगरानी करेगा। सरकार ने साफ किया है कि अगर कोई इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो उस पर 50,000 कतरी रियाल (करीब 13,735 डॉलर) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह नियम पहले दोहा में और फिर 2026-27 तक बाकी नगरपालिकाओं में लागू होगा।
फैक्ट्रियों में बदलाव और स्मार्ट तकनीक
Ministry of Commerce and Industry ने जून 2026 में ऐलान किया कि 2030 तक देश की 35% फैक्ट्रियों को ‘सर्कुलर इकोनॉमी’ के तरीके पर शिफ्ट किया जाएगा। इसका मतलब है कि फैक्ट्रियां अब कम संसाधनों का इस्तेमाल करेंगी और कचरे को दोबारा संसाधन में बदलेंगी।
शहर में कचरा उठाने के तरीके को आधुनिक बनाने के लिए AI और IoT तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है। सरकार ने 500 स्मार्ट बिन लगाने की योजना बनाई है ताकि कचरा उठाने वाली गाड़ियों के रूट बेहतर हों और प्रदूषण कम हो। कतर में वेस्ट मैनेजमेंट का बाजार 2026 तक 2.9 अरब डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद है।