Qatar का बड़ा बयान, सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के मक्का रक्षा समझौते का किया पूरा समर्थन

Sushma Kumari11 August 20262 min read50 viewsQatar
Qatar का बड़ा बयान, सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के मक्का रक्षा समझौते का किया पूरा समर्थन

कतर देश ने हाल ही में Saudi Arabia, Turkey और Pakistan के बीच हुए ऐतिहासिक मक्का संयुक्त रक्षा समझौते का पूरी तरह से स्वागत किया है। कतर सरकार ने इस नए रक्षा समझौते पर अपनी पूरी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है, जिसे कतर के आधिकारिक सूत्रों द्वारा रविवार, 11 अगस्त 2026 को सार्वजनिक किया गया था। इस महत्वपूर्ण समझौते पर तीनों देशों के शीर्ष नेताओं यानी सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman, तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdoğan और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shahbaz Sharif द्वारा 7 अगस्त 2026 को हस्ताक्षर किए गए थे, जिसका मुख्य उद्देश्य आपसी रक्षा सहयोग को मजबूत करना और संयुक्त ताकत को बढ़ाना है।

मक्का समझौते की मुख्य बातें और नियम

इस बड़े समझौते के तहत यह तय किया गया है कि यदि किसी भी एक देश पर कोई भी सशस्त्र हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। इस बारे में आधिकारिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह समझौता पूरी तरह से रक्षात्मक प्रकृति का है और यह किसी भी खास देश के खिलाफ नहीं है, जब तक कि कोई दूसरा देश खुद किसी हस्ताक्षरकर्ता राज्य पर हमला न करे। इस समझौते का मुख्य आधार संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 में दिए गए आत्मरक्षा के अधिकार पर आधारित है। तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan ने जानकारी दी कि यह समझौता तकनीकी रूप से नाटो चार्टर के अनुच्छेद 5 से काफी मिलता-जुलता है। उन्होंने यह भी बताया कि इस समझौते में शामिल होने के लिए क्षेत्र के कुछ अन्य देशों ने भी दिलचस्पी दिखाई है, जिसमें मिस्र का नाम भी शामिल है जो भविष्य में तकनीकी औपचारिकताएं पूरी होने पर इसका हिस्सा बन सकता है।

क्षेत्रीय स्थिरता और आगे की रणनीति

सऊदी अरब के पब्लिक डिप्लोमेसी मामलों के उप विदेश मंत्री राजदूत Raed Qarmali ने बताया कि यह समझौता दोनों देशों के बीच पुराने और गहरे ऐतिहासिक संबंधों को दर्शाता है। इसका मुख्य मकसद संयुक्त रक्षा क्षमताओं को विकसित करना और रणनीतिक मोर्चे पर मजबूत पकड़ बनाना है। वहीं दूसरी तरफ, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज इस समझौते को क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने वाला एक बड़ा कदम बता चुके हैं। इसके अलावा, कतर के पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hamad bin Jassim Al Thani ने भी इस समझौते को बहुत महत्वपूर्ण बताया और इसे उम्मीद की किरण करार दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के बाकी देश भी इस समझौते से जुड़ेंगे और एक मजबूत संयुक्त रक्षा रणनीति तैयार करेंगे। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप QNA की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

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