कतर ने नीदरलैंड और बेल्जियम द्वारा इजरायली बस्तियों से आने वाले सामानों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का स्वागत किया है। कतर के विदेश मंत्रालय ने 22 जुलाई और 23 जुलाई 2026 को जारी अपने आधिकारिक बयानों में कहा कि यह कदम इजरायल की बस्तियों वाली नीतियों को रोकने के लिए बहुत जरूरी है। दोहा का मानना है कि ये नीतियां अंतरराष्ट्रीय कानूनों, विशेष रूप से यूएन सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2334 का उल्लंघन करती हैं।

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प्रतिबंध से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी

नीदरलैंड ने 21 जुलाई 2026 को घोषणा की कि इजरायली बस्तियों से आने वाले उत्पादों पर प्रतिबंध 22 सितंबर 2026 से लागू हो जाएगा। डच विदेश मंत्री Tom Berendsen ने संसद को बताया कि यह बैन फिलिस्तीनी क्षेत्रों और कब्जे वाले गोलान हाइट्स में बनी अवैध बस्तियों से आने वाले सामानों की खरीद-बिक्री पर होगा। वहीं, बेल्जियम ने 18 जुलाई 2026 को इस संबंध में अपने प्रतिबंधों को मंजूरी दी थी। इससे पहले बेल्जियम के विदेश मंत्री Maxime Prévot ने यूरोपीय संघ द्वारा ऐसी कार्रवाई में देरी पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी।

यूरोप के अन्य देश जैसे आयरलैंड ने भी 15 जुलाई 2026 को इसी तरह के बैन को मंजूरी दी है। इसके अलावा स्पेन और स्लोवेनिया ने भी ऐसे कदम उठाए हैं। वर्तमान में यूरोपीय संघ के भीतर फ्रांस, बेल्जियम, आयरलैंड, नीदरलैंड और स्पेन पूर्ण आयात प्रतिबंध का समर्थन कर रहे हैं, जबकि जर्मनी और इटली ने इसका विरोध किया है। कतर ने फिलिस्तीनी मुद्दे पर अपना समर्थन दोहराते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इजरायल की बस्ती बनाने की गतिविधियों को पूरी तरह बंद करवाना चाहिए।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.