QatarEnergy के CEO Saad al-Kaabi ने Reuters को बताया कि ईरानी हमलों से 24 घंटे पहले ही Ras Laffan के प्लांट से कर्मचारियों को सुरक्षित निकालने का फैसला ले लिया गया था। मार्च 2026 में हुए इन हमलों के दौरान किसी भी कर्मचारी की जान नहीं गई और न ही कोई घायल हुआ। कंपनी ने हमले के बाद उत्पादन में बड़ी कमी आने की बात स्वीकार की है और कई देशों के साथ किए गए कॉन्ट्रैक्ट पर फिलहाल रोक लगा दी है।

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हमलों से गैस प्लांट को कितना नुकसान पहुंचा?

ईरानी मिसाइल हमलों की वजह से Ras Laffan इंडस्ट्रियल सिटी में स्थित Pearl GTL फैसिलिटी और LNG की दो ट्रेनों (S4 और S6) को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके कारण कतर की LNG उत्पादन क्षमता में 17 प्रतिशत की कमी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक इन यूनिट्स को फिर से शुरू करने में 3 से 5 साल का समय लग सकता है।

  • सालाना 12.8 मिलियन टन LNG उत्पादन बंद हो गया है।
  • कतर को हर साल करीब 20 अरब डॉलर के रेवेन्यू का नुकसान होने का अनुमान है।
  • LNG ट्रेनों में ExxonMobil की 30 से 34 प्रतिशत तक की हिस्सेदारी है।
  • गैस के साथ-साथ हीलियम, LPG और कंडेंसेट के निर्यात में भी गिरावट आई है।

किन देशों की गैस सप्लाई पर पड़ेगा बुरा असर?

उत्पादन में आई इस कमी के बाद QatarEnergy ने बड़े खरीदारों के साथ किए गए समझौतों पर Force Majeure लागू कर दिया है। इससे इटली, बेल्जियम, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों को होने वाली गैस सप्लाई प्रभावित होगी।

प्रभावित देश कंपनी का नाम
इटली Edison
बेल्जियम EDFT
दक्षिण कोरिया KOGAS
चीन EDFT, Shell

Saad al-Kaabi ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों से कर्मचारियों को पहले ही हटा लिया गया था। हालांकि प्लांट को हुए नुकसान की वजह से लंबे समय तक सप्लाई चेन पर असर रहने वाला है। कतर सरकार और संबंधित कंपनियां अब स्थिति को सुधारने के लिए काम कर रही हैं।