कतर, मिस्र (Egypt) और दिग्गज ऊर्जा कंपनी ExxonMobil के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है। कतरएनर्जी (QatarEnergy) ने मिस्र की सरकार और ExxonMobil के साथ मिलकर साइप्रस (Cyprus) में खोजी गई गैस के विकास को लेकर एक सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य साइप्रस की प्राकृतिक गैस को मिस्र के एलएनजी (LNG) इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाना है। यह फैसला गुरुवार, 21 मई 2026 को लिया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में ऊर्जा क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

समझौते का मुख्य उद्देश्य और इसके फायदे क्या हैं?

इस समझौते का मुख्य काम साइप्रस में गैस खोजों के विकास और उनकी व्यावसायिक संभावनाओं का अध्ययन करना है। इसके तहत मिस्र में पहले से मौजूद गैस और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरा इस्तेमाल किया जाएगा। फिलहाल मिस्र का यह इंफ्रास्ट्रक्चर अपनी क्षमता से कम काम कर रहा था। इस कदम से मिस्र पूर्वी भूमध्य सागर (Eastern Mediterranean) में एक प्रमुख एनर्जी हब के रूप में मजबूत होगा। कतरएनर्जी, मिस्र की सरकार और ExxonMobil मिलकर इस पूरे प्रोजेक्ट पर काम करेंगे ताकि ऊर्जा की मांग को पूरा किया जा सके और दोनों देशों को इसका आर्थिक लाभ मिल सके।

अधिकारियों और मंत्रियों ने इस डील पर क्या कहा?

कतर के ऊर्जा राज्य मंत्री और कतरएनर्जी के अध्यक्ष व सीईओ साद शेरिदा अल-काबी ने बताया कि यह समझौता पूर्वी भूमध्य सागर में क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि वे मिस्र सरकार और ExxonMobil के साथ मिलकर इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए तत्पर हैं। वहीं, मिस्र के पेट्रोलियम और खनिज संसाधन मंत्री करीम बदवी ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए और बताया कि उनका मंत्रालय ExxonMobil के साथ मिलकर साइप्रस में गैस की खोज का फायदा उठाने के लिए नए तरीकों पर लगातार काम कर रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कतर, मिस्र और ExxonMobil के बीच यह समझौता कब हुआ?

यह ऐतिहासिक समझौता (MoU) गुरुवार, 21 मई 2026 को हस्ताक्षरित किया गया था और इसकी घोषणा आधिकारिक रूप से की गई थी।

इस समझौते से किस देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को फायदा मिलेगा?

इस समझौते के तहत मिस्र के मौजूदा गैस और एलएनजी (LNG) एक्सपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल साइप्रस की गैस के लिए किया जाएगा, जिससे मिस्र को बड़ा फायदा होगा।