नई दिल्ली में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की एक बहुत ही महत्वपूर्ण बैठक हुई है। इस बैठक में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के नेताओं ने मिलकर समुद्र में चीन और ईरान के बढ़ते दबदबे को रोकने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा हॉर्मुज जलडमरूमध्य संकट और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर हुई। चारों देशों ने मिलकर एक नया समुद्री निगरानी प्लान और एनर्जी सिक्योरिटी प्लान लॉन्च किया है जिससे इस पूरे इलाके में व्यापार और जहाजों की सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।
क्वाड देशों ने क्यों शुरू किया नया समुद्री निगरानी सिस्टम?
इस बैठक में चारों देशों ने मिलकर Indo-Pacific Maritime Surveillance Initiative यानी हिंद-प्रशांत समुद्री निगरानी पहल को शुरू किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य चारों देशों की निगरानी क्षमताओं को एक साथ जोड़ना है ताकि समुद्र में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत और रीयल-टाइम में एक-दूसरे के साथ साझा की जा सके। इसके अलावा क्वाड देशों ने प्रशांत महासागर के द्वीपों में जहाजों के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए फिजी में एक पायलट पोर्ट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। यह इस क्षेत्र में क्वाड का पहला संयुक्त इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है जो समुद्री व्यापार को आसान बनाएगा।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य संकट और मिनरल्स को लेकर क्या हुआ फैसला?
बैठक के दौरान हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जारी संकट पर भी गंभीर बातचीत हुई। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने साफ शब्दों में कहा कि क्वाड देश हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर किसी भी तरह का टैक्स लगाने के प्रस्ताव का विरोध करते हैं। जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने भी इस रास्ते से सुरक्षित और मुफ्त व्यापार को सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही चीन पर अपनी निर्भरता को कम करने के लिए चारों देशों ने Quad Critical Minerals Framework को अंतिम रूप दिया और भारत-अमेरिका के बीच इस संबंध में एक खास समझौते पर हस्ताक्षर किए गए ताकि जरूरी खनिजों की सप्लाई चेन सुरक्षित रहे।
इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चर्चा को बेहद उपयोगी बताया। वहीं अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्वाड को अमेरिकी वैश्विक रणनीति का एक मुख्य आधार बताया और कहा कि अब क्वाड को केवल बातचीत से आगे बढ़कर जमीन पर ठोस काम करने की जरूरत है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्वाड देशों की इस बैठक में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल हुए थे?
इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी शामिल हुए थे। यह बैठक 26 मई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुई थी।
फिजी पोर्ट प्रोजेक्ट क्या है और इससे क्या फायदा होगा?
यह प्रशांत महासागरीय देशों में बंदरगाहों के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने के लिए क्वाड देशों का पहला संयुक्त इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर क्या फैसला हुआ?
चीन पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दिया गया और भारत और अमेरिका के बीच एक विशेष क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर किए गए।