नई दिल्ली में 26 मई 2026 को आयोजित क्वाड (Quad) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक पर अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का गहरा साया देखने को मिला। बैठक में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया, लेकिन पूरी चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु ईरान युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से बंद हुई तेल की सप्लाई रहा। इस बैठक के बीच ही हिंद-प्रशांत क्षेत्र में ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले भी लिए गए हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच क्यों बढ़ा तनाव और क्या हुआ नुकसान?

26 मई 2026 को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइटों और ईरानी नावों पर हमलों की पुष्टि की। इसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उन्होंने अपनी हवाई सीमा में घुसे अमेरिकी विमानों को खदेड़ा और एक MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया। ईरान की मीडिया के अनुसार, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास लारक द्वीप के पास हुए हमलों में कई ईरानी जवानों की जान भी गई है। इसी बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने चेतावनी दी है कि खाड़ी देशों में बने अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब सुरक्षित नहीं रहेंगे।

क्वाद बैठक में भारत और अन्य देशों ने क्या बड़े फैसले लिए?

नई दिल्ली की बैठक में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई पर चर्चा हुई। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक नए समुद्री निगरानी अभियान की घोषणा की, जिससे चारों देशों के बीच रीयल-टाइम जानकारी साझा की जा सकेगी। इसके अलावा प्रशांत महासागर के द्वीपों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए फिजी (Fiji) के साथ मिलकर काम करने का फैसला लिया गया है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या बोले अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई मंत्री?

दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्ग यानी Strait of Hormuz को खुला रखने पर सभी देशों ने सहमति जताई। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ किया कि इस रास्ते को हर हाल में खुला रखना होगा क्योंकि यह पूरी दुनिया के लिए जरूरी है। वहीं ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि नौवहन की स्वतंत्रता बनी रहनी चाहिए और इस रास्ते पर किसी भी तरह के टैक्स लगाने का विरोध किया जाएगा। हालांकि ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने चेतावनी दी है कि किसी भी समझौते से वाशिंगटन और तेहरान के बीच का तनाव खत्म नहीं होने वाला है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्वाड (Quad) समूह में कौन-कौन से देश शामिल हैं?

क्वाद समूह में चार प्रमुख देश शामिल हैं, जिनमें भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान शामिल हैं। ये देश मिलकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और समुद्री व्यापार को बढ़ावा देने के लिए काम करते हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच ताजा विवाद की क्या वजह है?

ताजा विवाद 26 मई 2026 को शुरू हुआ जब अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए और जवाब में ईरान ने अमेरिकी रीपर ड्रोन को मार गिराने का दावा किया, जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।

चीन ने नई दिल्ली में हुई इस बैठक पर क्या प्रतिक्रिया दी है?

चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा है कि देशों के बीच सहयोग से क्षेत्र में शांति मिलनी चाहिए और यह किसी तीसरे देश को निशाना बनाने या गुटबाजी करने के लिए नहीं होना चाहिए।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.