मैं अक्सर जब भी अपने मित्रों से बात करता हूं तो कहता हूं कि शायद किसी ने बहुत सोच समझकर टैगलाइन बनाया है “Mutual Fund सही है”. मौजूदा परिदृश्य में अब शायद यह कहना भी नाजायज नहीं होगा कि कुछ भी सही नहीं है.

एक आम आदमी सीधे तौर पर अगर शेयर बाजार में निवेश करता है तो उसे बाजार के उथल-पुथल का भारी सामना करना पड़ता है. इससे बचने के लिए आम आदमी बाजार में सबसे ज्यादा निवेश म्युचुअल फंड के जरिए करता है.
आम आदमी आज के समय में गारंटीड इनकम और पेंशन स्कीम इत्यादि को छोड़कर म्युचुअल फंड के जरिए बदल रहे भारतीय अर्थव्यवस्था के लाभ से  सीधा अपने आप को फायदा पहुंचाना चाहता है. लेकिन दिन प्रतिदिन हरि नई खबरें निवेशकों को सजक करने के लिए काफी हैं कि यह बाजार है और बाजार में सब कुछ सही नहीं है.

Quant Mutual Fund, जिसे वर्तमान में SEBI (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) द्वारा संदिग्ध front-running के लिए जांच किया जा रहा है, ने सोमवार को अपने NAV (Net Asset Value) में मामूली गिरावट दर्ज की। इस ब्लॉगपोस्ट में हम आपको इस घटना के बारे में सरल भाषा में जानकारी देंगे ताकि सभी आयु वर्ग के निवेशक इसे आसानी से समझ सकें।

NAV में गिरावट

Quant PSU Fund का NAV 1.09% तक घट गया है। इसी तरह, small-cap और mid-cap funds में भी गिरावट देखी गई:

  • Small Cap Fund में 0.66% की गिरावट।
  • Mid Cap Fund में 0.94% की गिरावट।

प्रमुख फंड्स की स्थिति

मई 2024 तक, fund house की दो schemes के asset sizes 10,000 करोड़ रुपये से अधिक हैं: Quant Small Cap Fund और Quant Active Fund। सोमवार को Quant Active Fund का NAV 0.69% तक घट गया।

NAV में बदलाव की सूची

Scheme 21-06-24 24-06-24 % change
Quant PSU Fund 11.65 11.52 -1.09%
Quant Mid Cap Fund 245.79 243.48 -0.94%
Quant Commodities Fund 13.22 13.11 -0.88%
Quant Value Fund 20.76 20.59 -0.83%
Quant Active Fund 710.91 706.01 -0.69%
Quant Small Cap Fund 300.39 298.39 -0.66%
Quant BFSI Fund 16.98 16.87 -0.64%
Quant Large & Mid Cap Fund 126.87 126.07 -0.63%
Quant Business Cycle Fund 17.16 17.06 -0.58%
Quant Flexi Cap Fund 105.42 104.81 -0.58%

Front-running क्या है?

Front-running एक अवैध गतिविधि है जिसमें एक ब्रोकर या फंड मैनेजर अपने क्लाइंट के ऑर्डर को पहले से जानकर खुद का लाभ उठाने के लिए पहले से ऑर्डर प्लेस करता है। इसका मतलब है कि वे क्लाइंट के बड़े ऑर्डर से पहले खुद के लिए शेयर खरीदते या बेचते हैं ताकि क्लाइंट के ऑर्डर की वजह से शेयर की कीमत में बदलाव से फायदा उठा सकें। यह एक गंभीर उल्लंघन है क्योंकि यह क्लाइंट के हितों के खिलाफ होता है और बाजार की निष्पक्षता को प्रभावित करता है।

SEBI की जांच

Markets regulator, SEBI, Quant MF में suspected front-running के मामले की जांच कर रही है। Quant MF के पास 93,000 करोड़ रुपये के assets हैं। यह खबर कई निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है, क्योंकि उनकी निवेश की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं।

बिहार से हूँ। बिहार होने पर गर्व हैं। फर्जी ख़बरों की क्लास लगाता हूँ। प्रवासियों को दोस्त हूँ। भारत मेरा सबकुछ हैं। Instagram पर @nyabihar तथा lov@gulfhindi.com पर संपर्क कर सकते हैं।