Qusra Village: इसराइल के चरमपंथी बस्तियों का कुस्रा गांव पर घेरा दूसरे हफ्ते में दाखिल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने जताई चिंता।

कुस्रा गांव पर चरमपंथी इसराइली बस्तियों का एक हफ्ते से चल रहा घेरा स्थानीय फिलिस्तीनी परिवारों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है, जिसमें इब्राहिम हसन का घर भी शामिल है। 9 अगस्त 2026 से बस्तियों के लोगों ने डराने-धमकाने का सिलसिला शुरू किया है, जिसमें खिड़कियां तोड़ना, पानी और बिजली की जरूरी सप्लाई काटना और गाड़ियों पर पत्थर फेंकना शामिल है। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक इसराइली सेना ने कम से कम 16 घरों को फौजी बैरक में बदल दिया है और साथ ही इलाके को बंद सैन्य क्षेत्र घोषित कर दिया है जिससे वहां रहने वाले लोगों और अंतरराष्ट्रीय नजर रखने वालों की आवाजाही पर रोक लग गई है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता और अमेरिकी राजदूत की प्रतिक्रिया
अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने बढ़ते तनाव और हिंसा को लेकर गहरी चिंता जाहिर की है। इसराइल में अमेरिका के राजदूत माइक हक्काबी ने इन हरकतों को भयानक आतंकी कृत्यों के रूप में निंदा की है, जबकि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने चेतावनी दी है कि इस तरह के हमले, जो अक्सर इसराइली सुरक्षा बलों की मौजूदगी में होते हैं, फिलिस्तीनियों को वहां से भगाने के इरादे से किए जा रहे हैं। इस इलाके में इसराइली सेना (IDF) को तैनात किए जाने के बावजूद तनाव कम नहीं हुआ है और जो नगर निगम के कर्मचारी जरूरी सुविधाओं को ठीक करने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें हिरासत में लिया गया और उनके काम में रुकावट डाली गई।
पुलिस व्यवस्था बदलने की योजना पर विवाद
फिलिस्तीनी अधिकारियों ने इसराइली योजना की कड़ी आलोचना की है जिसमें पुलिस की जिम्मेदारी सेना से लेकर सिविल पुलिस को देने की बात है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और औपचारिक कब्जे की तैयारी बताया है। इलाके के हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और आम लोगों को रोजमर्रा की बुनियादी चीजों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सेना और सुरक्षा बलों के कड़े पहरे की वजह से आम नागरिकों का जीवन पूरी तरह से प्रभावित हो चुका है और लोग अपने ही घरों में कैद रहने को मजबूर हो गए हैं।