गाजा और मिस्र के बीच मौजूद रफाह क्रॉसिंग को सोमवार, 2 फरवरी 2026 को फिर से खोल दिया गया है। फिलहाल इसे सीमित संख्या में पैदल यात्रियों के लिए खोला गया है, जिससे लोग एक तरफ से दूसरी तरफ जा सकें। यह फैसला अमेरिका की मध्यस्थता में हुए युद्धविराम समझौते के दूसरे चरण का हिस्सा है। इससे पहले रविवार को यहां एक ‘पायलट फेज’ भी चलाया गया था ताकि सुरक्षा और इंतज़ामों को परखा जा सके।
रोजाना कितने लोग बॉर्डर पार कर सकेंगे?
बॉर्डर खुलने के बाद अब रोजाना करीब 6 घंटे काम होगा। शुरुआत में दोनों तरफ से केवल 50-50 लोगों को ही आने-जाने की इजाजत दी गई है। हालांकि, कुछ रिपोर्ट बताती हैं कि इलाज के लिए गाजा से निकलने वाले मरीजों और उनके साथ जाने वालों की संख्या 150 तक हो सकती है। 1 फरवरी को लॉजिस्टिक टेस्टिंग के बाद 2 फरवरी से इसे आधिकारिक तौर पर चालू किया गया है। मेडिकल इमरजेंसी वाले करीब 20,000 से 22,000 लोगों को निकलने में प्राथमिकता दी जा रही है।
जाने का खर्चा और नियम क्या हैं?
कमर्शियल रास्ते से जाने के लिए अभी भी ‘कोऑर्डिनेशन फीस’ चुकानी पड़ रही है। 2026 में खुलने से पहले Hala Consulting कंपनी बड़ों से 5,000 डॉलर और बच्चों से 2,500 डॉलर तक चार्ज करती थी, जो आम लोगों के लिए काफी महंगा है। अभी भी यह फीस आम निवासियों के लिए एक बड़ी बाधा बनी हुई है।
- फिलहाल सिर्फ पैदल लोग जा सकते हैं, कोई भी सामान या कमर्शियल माल इस रास्ते से नहीं जाएगा।
- सभी यात्रियों को Israel और Egypt की सख्त सुरक्षा जांच से गुजरना होगा।
- बाहर से लौटने वाले लोग तभी आ सकते हैं अगर वे युद्ध के दौरान गए थे और उन्हें इजरायल से पहले मंजूरी मिली हो।
- लौटने वालों को अपने साथ मेटल या इलेक्ट्रॉनिक सामान ले जाने की मनाही है और वे सीमित दवाइयां ही ला सकते हैं।
कौन संभाल रहा है पूरी व्यवस्था?
इस पूरी व्यवस्था में कई देश और संस्थाएं मिलकर काम कर रही हैं। इजरायल (COGAT/IDF) सुरक्षा जांच कर रहा है, जबकि यूरोपियन यूनियन (EUBAM) वहां निगरानी रख रहा है। मिस्र यात्रियों की लिस्ट संभाल रहा है और फिलिस्तीनी अथॉरिटी (PA) प्रशासन देख रही है। हाल ही में मिस्र की तरफ एंबुलेंस की लाइन देखी गई है ताकि गंभीर मरीजों को निकाला जा सके। वहीं, इजरायल ने डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (MSF) संस्था पर 28 फरवरी से रोक लगाने का ऐलान किया है।
