भारत की मदद से नेपाल में तैयार हुआ राहुघाट पावर प्रोजेक्ट, राष्ट्रीय ग्रिड में जुड़ेगी 40 मेगावाट बिजली

Sushma Kumari24 August 20264 min read58 viewsIndia
भारत की मदद से नेपाल में तैयार हुआ राहुघाट पावर प्रोजेक्ट, राष्ट्रीय ग्रिड में जुड़ेगी 40 मेगावाट बिजली

नेपाल के म्याग्दी जिले में भारत के सहयोग से बनाई गई बहुप्रतीक्षित 40 मेगावाट क्षमता वाली राहुघाट जलविद्युत परियोजना का निर्माण कार्य पूरी तरह से पूरा हो गया है। इस परियोजना के पूरा होने से नेपाल की ऊर्जा जरूरतों को बड़ा सहारा मिलेगा और जल्द ही इससे बनने वाली बिजली को राष्ट्रीय ग्रिड में जोड़ दिया जाएगा। भारत सरकार और नेपाल के आपसी सहयोग का यह एक बेहतरीन उदाहरण है, जिससे दोनों देशों के बीच के संबंध और अधिक मजबूत होते नजर आ रहे हैं। इस योजना के जमीन पर उतरने से स्थानीय लोगों में काफी खुशी का माहौल है क्योंकि पिछले करीब दो दशकों से इस पर काम चल रहा था और अब जाकर यह सपना सच साबित हुआ है।

भारत के सहयोग से ऐसे तैयार हुआ पूरा प्रोजेक्ट

इस महत्वपूर्ण परियोजना को पूरा करने के लिए भारत की तरफ से भरपूर मदद दी गई है। भारत के एक्ज़िम बैंक ने इस प्रोजेक्ट के लिए 67 मिलियन अमेरिकी डॉलर का सहूलियतपूर्ण ऋण उपलब्ध कराया है, जबकि नेपाल सरकार और नेपाल विद्युत प्राधिकरण का इसमें संयुक्त निवेश शामिल है। इस पूरे काम को इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कॉन्ट्रैक्ट यानी ईपीसी मॉडल के तहत विकसित किया गया है। परियोजना के इलेक्ट्रोमेकैनिकल काम की जिम्मेदारी भारत की मशहूर कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड यानी बीएचईएल को दी गई थी, जिसके साथ करीब 10.29 मिलियन अमेरिकी डॉलर में समझौता हुआ था। इसके अलावा भौतिक निर्माण और उपकरणों की स्थापना का जिम्मा भारतीय कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स यानी जेपी को सौंपा गया था।

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कोरोना और प्राकृतिक आपदाओं के कारण आई रुकावटें

इस परियोजना के सिविल निर्माण का ठेका भारतीय कंपनी जेपी एसोसिएट्स ने नवंबर 2017 में करीब 6 अरब नेपाली रुपये में लिया था। उस समय यह तय किया गया था कि इस काम को 45 महीने के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन रास्तों की परेशानी, कोरोना जैसी वैश्विक महामारी, लगातार आने वाली बाढ़, भूस्खलन और नदी से मिलने वाली निर्माण सामग्री की कमी की वजह से इस प्रोजेक्ट में काफी देरी हुई। तय समय पर काम पूरा न हो पाने के कारण ठेके की अवधि को कई बार आगे बढ़ाना पड़ा, जिससे आम लोगों को थोड़ा लंबा इंतजार करना पड़ा। हालांकि तमाम मुश्किलों को पार करते हुए आखिरकार निर्माण कार्य को पूरा कर लिया गया है।

अंतिम परीक्षण का दौर और उत्पादन की तैयारी

नेपाल विद्युत प्राधिकरण की सहायक कंपनी रघुगंगा हाइड्रोपावर द्वारा प्रवर्द्धित इस परियोजना में अब बिजली उत्पादन से जुड़े अंतिम परीक्षण का काम तेजी से चल रहा है। परियोजना के प्रबंध निदेशक गणेश केसी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बांध, डिसेंडर, सुरंग और स्विचयार्ड का परीक्षण पूरी तरह से सफल रहा है। इसके साथ ही 20 मेगावाट की एक यूनिट का परीक्षण भी पूरा कर लिया गया है, और अब दूसरी 20 मेगावाट की यूनिट का परीक्षण भी शुरू कर दिया गया है। इन दोनों यूनिटों के परीक्षण को पूरा होने में लगभग एक सप्ताह से लेकर 10 दिन तक का समय लगने की उम्मीद जताई गई है। इसके तुरंत बाद ही व्यावसायिक रूप से बिजली का उत्पादन शुरू कर दिया जाएगा।

सालाना इतने यूनिट बिजली का होगा उत्पादन

इस राहुघाट परियोजना से हर साल लगभग 24 करोड़ 5 लाख 93 हजार 34 यूनिट बिजली का उत्पादन करने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। जब यह पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा तो इससे राष्ट्रीय विद्युत प्रणाली में 40 मेगावाट अतिरिक्त बिजली जुड़ जाएगी, जिससे बिजली कटौती की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। इस बिजली को राष्ट्रीय ग्रिड तक पहुंचाने के लिए कालीगंडकी कॉरिडोर के अंतर्गत 220 केवी डबल-सर्किट दाना-कुश्मा प्रसारण लाइन में 'लिलो' माध्यम से जोड़ा जाएगा। इसके लिए जरूरी सभी चारों टावर और प्रसारण लाइन का काम भी पहले ही पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा परियोजना के पावरहाउस परिसर में बनाए गए स्विचयार्ड का संचालन भी दो महीने पहले ही शुरू कर दिया गया था।

स्थानीय लोगों और म्याग्दी जिले के लिए बड़ा बदलाव

म्याग्दी जिला उद्योग वाणिज्य संघ के अध्यक्ष सुविन श्रेष्ठ ने इस राहुघाट परियोजना को जिले में जलविद्युत विकास का एक बड़ा 'गेटवे' यानी प्रवेश द्वार बताया है। उनका कहना है कि इस मुख्य परियोजना के शुरू होने के बाद म्याग्दी इलाके में लगभग 10 अन्य जलविद्युत परियोजनाएं भी पूरी हो चुकी हैं। इतने लंबे इंतजार के बाद जब यह प्रोजेक्ट बनकर तैयार हुआ है तो पूरे इलाके में एक अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इससे न केवल बिजली की आपूर्ति बेहतर होगी बल्कि आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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