ट्रेन की आरक्षित टिकट या जनरल बोगी नहीं हो फिर भी प्लेटफॉर्म पर ट्रेन खड़ी होने पर पैसे देकर यात्री किसी भी बोगी में चढ़ सकता है. रेलवे कर्मचारियों के पास से ‘अतिरिक्त किराया टिकट’ की रसीद फाड़ने के बाद यात्री बड़ी आसानी से ट्रेन से सफर कर सकते हैं.

रिजर्वेशन करा चुके लोगों के लिए परेशानी हो रहा है यह सिस्टम.

लेकिन, आरक्षित टिकट लेकर यात्रा करने वालों के लिए यह तरीका परेशान करने वाला साबित हो रहा है. ट्रेन के सफर के बारे में कहा जाए तो कई महीने पहले से नियोजन कर यात्री ट्रेन की टिकट आरक्षित करता है.

सहूलियत है इन लोगों के लिए.

हालांकि, कई बार यात्रियों को ऐन समय में भी ट्रेन का सफर करना पड़ता है. ऐसे में जनरल टिकट से काम चलाना पड़ता है. हालांकि, कई ट्रेनों में जनरल बोगी ही नहीं होती है. इससे ऐन समय में सफर करने वालों को परेशानी होती है.

जनशताब्दी एक्सप्रेस में भी जनरल बोगी नहीं है. फिर भी बोगी में बिना आरक्षित टिकट वाले यात्री भी बिना किसी परेशानी के सफर कर सकते हैं. बिना टिकट यात्री स्टेशन के प्रवेशद्वार पर पहुंच जाते हैं. फिर उन्हें रेलवे निरीक्षक से ‘अतिरिक्त किराया टिकट’ दिया जाता है. इस टिकट की पावती लेकर यात्री किसी भी बोगी में चढ़ जाते हैं.

 

Lov Singh

बिहार से हूँ। बिहार होने पर गर्व हैं। फर्जी ख़बरों की क्लास लगाता हूँ। प्रवासियों को दोस्त हूँ। भारत मेरा सबकुछ हैं। Instagram पर @nyabihar तथा lov@gulfhindi.com पर संपर्क कर सकते हैं।