बेटिकट महिला यात्री को ट्रेन से नहीं उतार सकते

भारतीय रेलवे अधिनियम 1989 की धारा- 139 के तहत यदि कोई महिला अकेले या बच्चे के साथ यात्रा कर रही है तो उन्हें रात ट्रेन से नहीं उतारा जा सकता है। भले ही उनके पास ट्रेन का टिकट हो या नहीं। बेटिकट यात्रा करने पर महिला को ट्रेन से तभी उतारा जा सकता है जब महिला सिपाही निरीक्षक के साथ हो ।

रात 10 बजे के बाद टिकट चेक नहीं कर सकते टीटीई

टीटीई को ट्रेन में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक ही टिकट चेक करने का अधिकार है। टीटीई रात 10 बजे के बाद यात्रियों को नींद से जगाकर टिकट या पहचान पत्र दिखाने को नहीं कह सकता है। टीटीई अगर ऐसा करता है तो यात्री इसका विरोध कर सकते हैं शिकायत भी की जा सकती है।

रेलवे पुलिस को टिकट जांच का अधिकार नहीं

रेलवे अधिनियम के तहत रेलवे पुलिस को यात्रियों के टिकट चेक करने का अधिकार नहीं है। टिकट जांच का अधिकार सिर्फ टीटीई को है। यदि कोई रेलवे पुलिसकर्मी टिकट दिखाने को कहता है तो इसकी शिकायत ट्रेन में मौजूद टीटीई या फिर रेलवे अधिकारी से कर सकते हैं।

मिडल बर्थ के यात्री दिन में सोने की जिद नहीं कर सकते

नियम के मुताबिक मिडिल बर्थ वाले यात्री दिन के समय सोने के लिए बर्थ नहीं खोल सकते। मिडिल बर्थ वाले यात्रियों को रात 10 बजे से पहले व सुबह 6 बजे के बाद बर्थ को खोलने से रोका जा सकता है। हालांकि, वह नीचे की सीट पर बैठ सकते हैं।

 

Lov Singh

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