भारतीय रेलवे ने लंबी दूरी के यात्रियों के लिए बहुत बड़ा कदम उठाया है। अब देश भर में 260 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलाने की तैयारी पक्की हो गई है। ये ट्रेनें खास तौर पर रात के सफर के लिए बनाई जा रही हैं, जिससे यात्रियों का समय बचेगा और सफर आरामदायक होगा। इन ट्रेनों को बनाने का काम BEML और चेन्नई की Integral Coach Factory (ICF) मिलकर कर रही है। 2026 के अंत तक 12 ऐसी ट्रेनें पटरियों पर दौड़ने लगेंगी।

किराया और टिकट बुकिंग के नियम क्या हैं?

रेलवे ने इन नई ट्रेनों के लिए पुराने नियमों में काफी बदलाव किया है। आम आदमी को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं को बेहतर बनाया गया है, लेकिन बुकिंग का तरीका थोड़ा अलग होगा। रेलवे बोर्ड के मुताबिक किराया दूरी के हिसाब से तय होगा।

  • नो वेटिंग, नो RAC: इन ट्रेनों में वेटिंग या RAC टिकट नहीं मिलेगा। यात्रियों को सिर्फ कंफर्म सीट ही दी जाएगी।
  • डिजिटल बुकिंग: टिकट सिर्फ ऑनलाइन या डिजिटल माध्यम से ही बुक किए जा सकेंगे।
  • किराया: कम से कम 400 किलोमीटर का चार्ज लगेगा। 400 किलोमीटर के सफर के लिए 3AC का किराया करीब 960 रुपये होगा।
  • बुजुर्गों को राहत: 60 साल से ऊपर के पुरुष और 45 साल से ऊपर की महिलाओं को लोअर बर्थ देने में सिस्टम प्राथमिकता देगा।

रफ्तार और सुविधाओं में कितना दम है?

वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें सिर्फ दिखने में ही नहीं, बल्कि रफ्तार और सुरक्षा में भी राजधानी ट्रेनों से आगे होंगी। यात्रियों की सुरक्षा के लिए इसमें आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

यह ट्रेन 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती है, जिससे सफर का समय काफी कम हो जाएगा। सुरक्षा के लिए इसमें ‘कवच’ सिस्टम (KAVACH) और आग से बचाव के लिए खास फायर बैरियर दरवाजे लगाए गए हैं। कोच के अंदर की हवा को साफ रखने के लिए UV-C लैंप का इस्तेमाल किया गया है, जो कीटाणुओं को खत्म करता है। दिव्यांगजनों के लिए खास टॉयलेट और ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए आरामदायक सीढ़ियां बनाई गई हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.