West Asia Peace: राजनाथ सिंह ने दिया बड़ा संकेत, कहा भारत निभा सकता है शांति में बड़ी भूमिका, जर्मनी दौरे पर कही बड़ी बात

रक्षा मंत्री Rajnath Singh इन दिनों जर्मनी के आधिकारिक दौरे पर हैं। Berlin में भारतीय दूतावास के एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पश्चिम एशिया (West Asia) में शांति को लेकर अहम बात कही। सिंह ने बताया कि भारत दुनिया में शांति चाहता है और समय आने पर भारत इस क्षेत्र के विवादों को सुलझाने में एक बड़ी भूमिका निभा सकता है।

भारत का शांति के लिए क्या नजरिया है?

राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में भारत एक संतुलित डिप्लोमैटिक तरीका अपना रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने शांति के लिए कई कोशिशें की हैं, लेकिन किसी भी कोशिश का नतीजा सही समय और दुनिया के हालातों पर निर्भर करता है। भारत दुनिया के बड़े विवादों को सुलझाने और शांति लाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

प्रधानमंत्री मोदी ने किन बड़े नेताओं से बात की?

रक्षा मंत्री ने जानकारी दी कि पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति Putin, यूक्रेन के राष्ट्रपति Zelenskyy और Donald Trump जैसे बड़े नेताओं से व्यक्तिगत तौर पर बात की है। इस बातचीत का मकसद आपसी विवादों को खत्म कर शांति लाना था। उन्होंने यह भी बताया कि भारत की इसी तटस्थ सोच और डिप्लोमेसी की वजह से भारतीय जहाज Strait of Hormuz से सुरक्षित निकल पाए।

जर्मनी दौरे का मुख्य मकसद और खास बातें क्या हैं?

राजनाथ सिंह 21 से 23 अप्रैल 2026 तक जर्मनी के दौरे पर हैं, जहाँ उन्होंने वहां के रक्षा मंत्री Boris Pistorius से मुलाकात की। इस दौरे का मुख्य लक्ष्य डिफेंस सेक्टर में सहयोग बढ़ाना, साइबर सिक्योरिटी, AI और ड्रोन जैसी नई तकनीकों पर मिलकर काम करना है। यह दौरा भारत और जर्मनी के बीच डिप्लोमैटिक रिश्तों के 75 साल पूरे होने के मौके पर किया गया। इस दौरान डिफेंस इंडस्ट्रियल सहयोग और UN शांति मिशन ट्रेनिंग के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।