रक्षा मंत्री Rajnath Singh इन दिनों तीन दिनों के आधिकारिक दौरे पर जर्मनी में हैं। उन्होंने बर्लिन में भारतीय दूतावास में वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों से मुलाकात की और उन्हें भारत और जर्मनी के बीच ‘लिविंग ब्रिज’ यानी एक मजबूत कड़ी बताया। इस दौरान उन्होंने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, स्पेस और डिजिटल इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में हुई तरक्की के बारे में बात की। बता दें कि सात साल के बाद किसी भारतीय रक्षा मंत्री ने जर्मनी का दौरा किया है।

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जर्मनी के साथ डिफेंस सेक्टर में क्या होगा नया?

Rajnath Singh ने जर्मनी की संसदीय रक्षा समिति को संबोधित किया और ‘आत्मनिर्भर भारत’ का जिक्र किया। उन्होंने जर्मनी को रक्षा क्षेत्र में मिलकर काम करने और नई तकनीक विकसित करने का न्योता दिया। इस दौरे के दौरान डिफेंस इंडस्ट्रियल कोऑपरेशन रोडमैप और UN शांति मिशन के प्रशिक्षण को लेकर समझौतों पर साइन होने की उम्मीद है। दोनों देश साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन जैसे नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाएंगे।

एनर्जी सिक्योरिटी और पश्चिम एशिया पर क्या बोले रक्षा मंत्री?

रक्षा मंत्री ने एनर्जी सिक्योरिटी पर चिंता जताते हुए कहा कि Strait of Hormuz में कोई भी रुकावट भारत की अर्थव्यवस्था और स्थिरता को सीधा असर डालती है। उन्होंने बताया कि दुनिया में चल रही राजनीतिक अस्थिरता से खाने-पीने की चीजों और ईंधन की सप्लाई पर असर पड़ता है। इसके लिए मंत्रियों का एक ग्रुप पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है ताकि भारतीय नागरिकों और उद्योगों के हितों की रक्षा की जा सके।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.