Strait of Hormuz Diplomacy: राजनाथ सिंह ने की PM मोदी की तारीफ, भारतीय जहाजों को मिला सुरक्षित रास्ता
भारत के रक्षा मंत्री Rajnath Singh इन दिनों जर्मनी के दौरे पर हैं। वहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम करने के तरीके की सराहना की। उन्होंने बताया कि भारत की संतुलित डिप्लोमेसी की वजह से ही Strait of Hormuz जैसे तनाव वाले इलाके से भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकलने में मदद मिली है।
बर्लिन में राजनाथ सिंह ने क्या कहा?
22 अप्रैल 2026 को बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास में एक कार्यक्रम के दौरान रक्षा मंत्री ने कहा कि PM Modi ने अंतरराष्ट्रीय मामलों में बहुत संतुलित नजरिया रखा है। उन्होंने बताया कि भारत ने शांति के लिए पूरी कोशिश की है। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन, यूक्रेन के राष्ट्रपति और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप जैसे बड़े नेताओं से बात की ताकि बातचीत के जरिए मसले सुलझाए जा सकें।
Strait of Hormuz विवाद और भारत पर असर
रक्षा मंत्री ने 21 अप्रैल को जर्मन संसदीय समिति को बताया कि Strait of Hormuz में होने वाली रुकावटें एक कड़वी सच्चाई हैं। यह इलाका भारत की आर्थिक स्थिरता और सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। क्योंकि यहां से तेल और व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए किसी भी तरह की परेशानी का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और वहां के व्यापार के लिए भी इस समुद्री रास्ते का सुरक्षित होना बहुत जरूरी है।
सुरक्षा के लिए भारत ने क्या कदम उठाए?
- 19 अप्रैल 2026 को भारत के NSA Ajit Doval ने रियाद का दौरा किया और सऊदी अधिकारियों के साथ समुद्री सुरक्षा पर बात की।
- विदेशी सचिव Vikram Misri ने भारतीय जहाजों पर फायरिंग की घटना पर गहरी चिंता जताई और इसे ईरान के अधिकारियों के सामने उठाया।
- 2 अप्रैल को ब्रिटेन द्वारा बुलाई गई एक बैठक में भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में बिना किसी रोक-टोक के आवाजाही की मांग की।
- 26 मार्च 2026 को ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने ऐलान किया था कि भारत जैसे मित्र देशों के जहाजों को Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दी जाएगी।