सऊदी अरब के राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (NCM) ने रमजान 1447H (2026) के लिए अपनी शुरुआती रिपोर्ट जारी कर दी है। इस बार पवित्र शहरों मक्का और मदीना में मौसम थोड़ा सख्त रहने वाला है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल बारिश सामान्य से काफी कम होने के आसार हैं और तापमान में भी बढ़ोतरी देखी जा सकती है। जो लोग उमराह या जियारत के लिए जाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें गर्मी के लिए पहले से तैयार रहना चाहिए।

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क्या है मक्का और मदीना के मौसम का हाल?

मौसम विभाग का कहना है कि इस बार दोनों पवित्र शहरों में बारिश औसत से कम होगी। मक्का में सामान्य तौर पर महीने में 4.2 मिमी और मदीना में 4.3 मिमी बारिश का रिकॉर्ड रहता है, लेकिन इस बार इससे भी कम पानी गिरने की उम्मीद है। अगर थोड़ी बहुत बारिश हुई भी तो वह बहुत हल्की कैटेगरी में आएगी।

तापमान की बात करें तो गर्मी बढ़ने वाली है। मक्का में तापमान सामान्य से 1 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा हो सकता है, जबकि मदीना में यह बढ़ोतरी 1.2 डिग्री सेल्सियस तक जा सकती है। वहां जाने वाले जायरीन को धूप और गर्मी से बचने के लिए प्रशासन की सलाह माननी होगी।

रमजान के लिए नए नियम और जरूरी तारीखें

सऊदी सुप्रीम कोर्ट ने 17 फरवरी 2026 की शाम को चांद देखने की अपील की है। चांद दिखने के हिसाब से रमजान 18 या 19 फरवरी से शुरू हो सकता है। इसके अलावा, मस्जिदों और स्कूलों के लिए कुछ जरूरी नियम भी तय किए गए हैं:

  • स्कूल का समय: रमजान के दौरान देशभर में स्कूलों की पढ़ाई सुबह 9 से 10 बजे के बीच शुरू होगी ताकि रोजेदार छात्रों को राहत मिले।
  • उमराह परमिट: मक्का जाने के लिए Nusuk ऐप से परमिट लेना अनिवार्य है। बिना परमिट के किसी को चेकप्वाइंट से आगे नहीं जाने दिया जाएगा।
  • इतिकाफ और दान: मस्जिद में इतिकाफ के लिए पहले से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। नकद चंदा देने पर पूरी तरह रोक है, दान सिर्फ ‘एहसान’ जैसे सरकारी प्लेटफॉर्म से ही दिया जा सकता है।

तीर्थयात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं

बढ़ती गर्मी को देखते हुए हरम शरीफ में खास इंतजाम किए गए हैं। दोनों पवित्र मस्जिदों में एयर कंडीशनिंग सिस्टम और ‘कूल मार्बल’ यानी ठंडे फर्श की व्यवस्था को पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। भीड़ को संभालने के लिए 3D मैप और इलेक्ट्रॉनिक रिपोर्टिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। वीजा नियमों का पालन न करने वालों पर 50,000 रियाल तक का जुर्माना लग सकता है, इसलिए नियमों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।