झारखंड की राजधानी रांची में RSS के राज्य कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला हुआ था। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इन हमलावरों का संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) से था।

यह घटना 16 जून 2026 की है जब रांची के निवरनपुर इलाके में स्थित RSS ऑफिस पर पेट्रोल बम फेंके गए थे। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई थी और National Investigation Agency (NIA) की टीम ने भी मौके पर जाकर जांच की।

गिरफ्तारी और मुठभेड़ की जानकारी

18 जून को पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अमन अंसारी उर्फ गोलू, sayam सुजन और सैफ अंसारी उर्फ रोहित के रूप में हुई है। ये सभी लोहरदगा जिले के रहने वाले हैं। बताया गया है कि सैफ अंसारी ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में वह गोली लगने से घायल हो गया।

दुबई में हुई कट्टरपंथ की ट्रेनिंग

जांच में एक चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि इन आरोपियों को दुबई में कट्टरपंथी बनाया गया था। इनमें से एक आरोपी दुबई में काम करता था और वहां उसके संपर्क शाहबाज आलम और राणा हुसैन जैसे भारत विरोधी तत्वों से थे। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की ISI ने सोशल मीडिया के जरिए इन लोगों को हमले के लिए उकसाया और निर्देश दिए थे।

कानूनी कार्रवाई और जांच

इस मामले की जांच अब झारखंड के Anti-Terrorist Squad (ATS) को सौंप दी गई है क्योंकि इसमें अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश का शक है। पुलिस ने आरोपियों पर Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) 1967 की गंभीर धाराएं लगाई हैं।

  • Ranchi City DSP KV Raman ने बताया कि आरोपियों के तार ISI और TTH से जुड़े होने का संदेह है।
  • SSP राकेश रंजन ने तीनों की गिरफ्तारी और मुठभेड़ की पुष्टि की है।
  • RSS के प्रांत कार्यालय प्रमुख नरसिंह कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि हमलावरों की योजना ऑफिस को उड़ाने की थी।

इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आईं। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे एक बड़ी साजिश बताया है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने इस हमले की निंदा करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और कड़ी जांच की मांग की है।