मुंबई में एक कथित साइबर अपराधी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गिरफ्तार किया है, जो एक अमेरिकी नागरिक को 4.5 लाख अमेरिकी डॉलर की धोखाधड़ी करने का आरोप है। यह कार्रवाई CBI के ऑपरेशन चक्र-3 के तहत हुई, जिसमें अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी (FBI) का भी सहयोग था।

 

ऑपरेशन चक्र-3: एक अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध नेटवर्क का पर्दाफाश

CBI ने इस ऑपरेशन में एक परिष्कृत वर्चुअल एसेट और सोने के समर्थन वाला साइबर अपराध नेटवर्क ध्वस्त किया, जो 2022 से विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहा था। CBI की अंतर्राष्ट्रीय संचालन शाखा ने मुंबई से आरोपी विष्णु राठी को गिरफ्तार किया और उसे दिल्ली लाकर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की CBI हिरासत में भेजा गया।

 

 

महत्वपूर्ण जब्ती और सबूत

CBI ने इस मामले में पिछले दो दिनों में सात जगहों पर छापेमारी की और 57 सोने की ईंटें (प्रत्येक 100 ग्राम), 16 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन, लैपटॉप, और क्रिप्टो करेंसी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। यह जानकारी मिली है कि यह नेटवर्क अपराध की आय को वर्चुअल एसेट्स और सोने के माध्यम से चैनलाइज कर रहा था।

 

अमेरिकी नागरिक से कैसे की धोखाधड़ी?

CBI की जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी ने जून से अगस्त 2022 के बीच एक अमेरिकी नागरिक के कंप्यूटर और बैंक खाते तक अनधिकृत रूप से पहुंच बनाई। उसने पीड़ित को फर्जी तौर पर बताया कि उसका बैंक खाता ‘कंप्रोमाइज’ हो गया है और उसके फंड्स जोखिम में हैं। इस बहाने उसने पीड़ित को 4.5 लाख अमेरिकी डॉलर की राशि क्रिप्टो करेंसी वॉलेट्स में ट्रांसफर करने के लिए मना लिया, जो उसके नियंत्रण में थे।

Lov Singh

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