पाकिस्तान के रावलपिंडी में पिछले पांच दिनों से सब कुछ ठप रहा. ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली बातचीत की सुरक्षा के नाम से पूरे शहर को बंद कर दिया गया. इस फैसले से आम जनता, दुकानदारों और नौकरीपेशा लोगों की जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई. लोग इस अचानक लगे लॉकडाउन और पाबंदियों से काफी नाराज दिखे.

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क्या था सरकार का फैसला और क्या-क्या बंद हुआ?

  • ट्रांसपोर्ट पर रोक: रावलपिंडी और इस्लामाबाद के डिप्टी कमिश्नर ने सभी प्राइवेट, पब्लिक और सामान ढोने वाले वाहनों के संचालन पर तुरंत रोक लगा दी थी.
  • सुरक्षा घेरा: नूर खान एयरबेस और इस्लामाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों को पूरी तरह सील कर दिया गया.
  • पाबंदियां: ड्रोन उड़ाने, कबूतर उड़ाने और हवाई फायरिंग पर पूरी तरह बैन लगा दिया गया.
  • दुकानें और बैंक: पुलिस ने मार्केट, बैंक, रेस्टोरेंट, ब्यूटी पार्लर, फिटनेस सेंटर और बेकरी जैसी दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया.
  • हॉस्टल खाली कराए: रावलपिंडी में हॉस्टल में रहने वालों को 19 अप्रैल की आधी रात तक जगह खाली करने को कहा गया.

आखिर क्यों लगाया गया यह लॉकडाउन और कौन थे शामिल?

अधिकारियों ने बताया कि यह कदम अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली उच्च स्तरीय बातचीत के लिए विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए उठाया गया था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया था कि उनके वार्ताकार पाकिस्तान जाएंगे. पाकिस्तान इस पूरी प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था.

इस मामले में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अमेरिका और ईरान से युद्धविराम बढ़ाने की अपील की. वहीं, आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स नताली बेकर से मुलाकात कर बातचीत के दूसरे दौर पर चर्चा की. वार्ता के लिए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ के आने की उम्मीद थी.

अब क्या है ताजा स्थिति और लोगों का क्या हाल है?

मंगलवार शाम को अधिकारियों ने मौखिक रूप से ट्रांसपोर्ट सेवाएं फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी. लेकिन शहर में डर का माहौल है, जिसकी वजह से सवारी कम है और काम पूरी तरह शुरू नहीं हो पाया है. लोग इन कड़े नियमों से काफी गुस्से में हैं क्योंकि इससे उनकी कमाई का जरिया छिन गया.

ताजा अपडेट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने दो हफ्ते के युद्धविराम को बढ़ाने का फैसला किया है, जिसकी तारीफ पाकिस्तान सरकार ने की. हालांकि, अमेरिका ने साफ कर दिया है कि ईरान के समुद्री व्यापार पर लगाया गया नेवल ब्लॉकेड जारी रहेगा.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.