मदीना में रौदा शरीफ़ जाने वाले ज़ायरीन के लिए सऊदी सरकार ने एक बड़ी जानकारी साझा की है। अब यहाँ की क्षमता बढ़ाकर रोज़ाना 57 हज़ार कर दी गई है। यह खबर उन सभी लोगों के लिए ज़रूरी है जो उमराह या ज़ियारत के लिए सऊदी अरब जाते हैं और रौदा शरीफ़ जाने की तैयारी कर रहे हैं।
रौदा शरीफ़ की क्षमता और बुकिंग कैसे होगी?
Ministry of Hajj के मुताबिक अब रौदा शरीफ़ में रोज़ाना 57,000 ज़ायरीन के आने की क्षमता है। यहाँ जाने के लिए Nusuk ऐप के ज़रिए पहले से परमिट लेना अनिवार्य है। कुछ विशेष मामलों में Tawakkalna ऐप का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। सरकार ने साफ़ किया है कि भीड़ को रोकने और शांति बनाए रखने के लिए केवल परमिट वाले लोगों को ही एंट्री दी जाएगी।
ज़ायरीन के लिए ज़रूरी नियम और गाइडलाइंस
- परमिट का समय: ज़ायरीन को अपने परमिट में दी गई तारीख और समय का सख्ती से पालन करना होगा।
- पहुँचना: तय समय से कम से कम 30 मिनट पहले पहुँचना ज़रूरी है ताकि एंट्री में आसानी हो।
- नया परमिट: एक बार रौदा शरीफ़ की ज़ियारत करने के बाद, दोबारा परमिट केवल 365 दिनों के बाद ही मिल पाएगा।
- समय सीमा: भीड़ को मैनेज करने के लिए हर ग्रुप को 20 मिनट का समय दिया जाता है।
- बुकिंग कैंसिल: अगर कोई ज़ायरीन तय समय पर नहीं पहुँचता है, तो उसकी बुकिंग अपने आप कैंसिल हो जाएगी। ऐसी स्थिति में केवल Instant Path सर्विस के ज़रिए दोबारा बुकिंग की जा सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रौदा शरीफ़ जाने के लिए परमिट कहाँ से मिलेगा?
रौदा शरीफ़ जाने के लिए ज़ायरीन को Nusuk इलेक्ट्रॉनिक एप्लिकेशन के ज़रिए अपना स्लॉट बुक करना होगा और परमिट लेना होगा।
दोबारा रौदा शरीफ़ जाने के लिए कितना इंतज़ार करना होगा?
Ministry of Hajj के नियमों के अनुसार, पिछली ज़ियारत के 365 दिन पूरे होने के बाद ही नया परमिट लिया जा सकता है।
