रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने उत्तर प्रदेश के अर्बन कोऑपरेटिव बैंक सीतापुर का लाइसेंस रद्द कर दिया है। बैंक का कामकाज आज से बंद करने का आदेश जारी कर दिए हैं।  बैंक के लाइसेंस रद्द होने के बाद जमाकर्ताओं को पांच लाख रुपए तक की राशि दी जाएगी। यह राशि डिपॉजिट इंश्योरेंस और क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) कवर के जरिए दी जाएगी।

RBI ने बताया कि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी नहीं है और इसकी वित्तीय स्थिति खराब है। इसलिए बैंक का लाइसेंस रद्द करने का फैसला लिया गया है। बैंक को अपने बैंकिंग कारोबार को जारी रखने की अनुमति नहीं दी गई है। बैंक को ‘बैंकिंग’ कारोबार, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ जमाराशियों को स्वीकार करने और जमाराशियों की चुकौती करना शामिल है, करने से प्रतिबंधित किया गया है।

यूपी के कमिशनर एंड रजिस्टरार ऑफ कॉपरेटिव से बैंक के लिए एक लिक्विडेटर को नियुक्त करने के लिए कहा गया है।

लिक्विडेशन के बाद, हर जमाकर्ता, DICGC अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के तहत,नि‍क्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी नि‍गम (DICGC) से ₹5,00,000/- (पांच लाख रुपये मात्र) की मौद्रिक सीमा तक अपने जमाराशि के संबंध में जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होगा।

  • बैंक द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, 98.32% जमाकर्ता डीआईसीजीसी से उनकी पूरी जमाराशि प्राप्त करने के हकदार हैं।
  • इस फैसले के बाद अब बैंक को अपने सभी बैंकिंग कारोबार को तत्काल प्रभाव से बंद करना होगा।

 

RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि बैंक को अपने बैंकिंग कारोबार को जारी रखने की अनुमति दी जाती है तो जनहित पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। इस फैसले के बाद अब बैंक के सभी ग्राहकों को अपनी जमा राशि को वापस लेने की चिंता करनी होगी।