भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गोल्ड लोन को लेकर ग्राहकों के हित में बड़ा कदम उठाया है। अब गोल्ड लोन लेने वाले ग्राहकों को मासिक किस्त (EMI) में भुगतान का विकल्प मिलेगा। यह नया नियम उन ग्राहकों के लिए राहतभरा साबित हो सकता है, जो अब तक बुलेट भुगतान (लोन की अवधि के अंत में पूरी राशि एक साथ चुकाना) का दबाव महसूस करते थे।

 

क्या है नया निर्देश?

आरबीआई ने गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों और बैंकों को निर्देश दिया है कि वे ग्राहकों को होम और ऑटो लोन की तरह ही मासिक किस्त में भुगतान का विकल्प दें। इसके अलावा, बैंकों और कंपनियों को ग्राहक की भुगतान क्षमता का आकलन भी करना होगा। केवल गिरवी रखे आभूषणों के आधार पर लोन देना पर्याप्त नहीं होगा।

 

बुलेट भुगतान की वर्तमान स्थिति

अभी तक गोल्ड लोन के लिए बुलेट भुगतान का चलन है, जिसमें ग्राहक लोन अवधि के अंत में मूलधन और ब्याज की पूरी राशि एक साथ चुकाते हैं। यह सुविधा कई बार ग्राहकों के लिए बोझिल साबित होती है।

 

आरबीआई की चिंता और सुधार की पहल

आरबीआई ने 30 सितंबर को जारी सर्कुलर में गोल्ड लोन कंपनियों को चेतावनी दी थी। इसमें कहा गया कि गोल्ड लोन की सोर्सिंग, मूल्यांकन, और नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पाई गई है। साथ ही, आंशिक भुगतान की परंपरा को भी गलत बताया गया।

 

गोल्ड लोन का बढ़ता बाजार

  • क्रिसिल की रिपोर्ट: अप्रैल से अगस्त 2024 के बीच गोल्ड लोन में 37% की वृद्धि हुई।
  • बढ़ती मांग का कारण: सोने की कीमतों में वृद्धि और वित्तीय जरूरतों के लिए गोल्ड लोन का अधिक इस्तेमाल।

 

मासिक किस्त का विकल्प: फायदे

  1. ग्राहकों पर कम बोझ: बुलेट भुगतान के बजाय मासिक किस्तों से ग्राहक को धन प्रबंधन में आसानी होगी।
  2. पारदर्शिता: समय पर भुगतान के कारण ब्याज और मूलधन का सही हिसाब रहेगा।
  3. लोन चुकाने की सरलता: नियमित भुगतान से ग्राहकों की वित्तीय स्थिति पर दबाव कम होगा।
  4. वित्तीय अनुशासन: मासिक किस्तें ग्राहकों को समय पर भुगतान के लिए प्रेरित करेंगी।

 

खबर एक नज़र में

विशेषता वर्तमान स्थिति नया निर्देश
भुगतान विकल्प बुलेट भुगतान मासिक किस्त (EMI)
ग्राहकों पर प्रभाव पूरी राशि एक बार चुकाना बोझिल आसान और नियमित भुगतान
आरबीआई की भूमिका सुधार और पारदर्शिता की जरूरत पर जोर ग्राहक की भुगतान क्षमता का आकलन जरूरी
बाजार वृद्धि 37% (अप्रैल-अगस्त 2024) गोल्ड लोन में लगातार बढ़ोतरी