भारत के Reserve Bank of India (RBI) ने विदेश से पैसा मंगाने और भेजने के नियमों को आसान बनाने की तैयारी कर ली है। यह कदम छोटे व्यापारियों (MSMEs) और निर्यातकों (Exporters) के लिए बहुत मददगार साबित होगा। RBI अपने ‘Payments Vision 2028’ प्लान के तहत अंतरराष्ट्रीय लेन-देन की मुश्किलों को कम करना चाहता है ताकि व्यापार करना सरल हो सके।
सिंगल विंडो सिस्टम से खत्म होगी कागजी कार्रवाई
EY की एक रिपोर्ट के मुताबिक, RBI अब क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट के लिए ‘सिंगल विंडो एप्लीकेशन प्रोसेस’ शुरू करने की योजना बना रहा है। अभी तक व्यापारियों को अलग-अलग नियमों और कानूनों के तहत मंजूरी लेनी पड़ती थी, लेकिन अब PSS एक्ट और FEMA दोनों के नियम एक ही जगह से पूरे हो सकेंगे। इससे खास तौर पर छोटे उद्योगों और निर्यातकों को सरकारी कागजी कार्रवाई से बड़ी राहत मिलेगी।
विदेश से आने वाला पैसा अब जल्दी मिलेगा
RBI ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि विदेश से आने वाले पैसों (Inward Remittances) की प्रक्रिया को तेज किया जाए। अब बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जैसे ही पेमेंट का मैसेज मिले, ग्राहक को तुरंत जानकारी दी जाए। अगर पैसा विदेशी मुद्रा बाजार के समय पर आया है, तो उसे उसी दिन ग्राहक के खाते में जमा करना होगा। बैंकों को डिजिटल इंटरफेस का इस्तेमाल करने और रिस्क असेसमेंट के आधार पर पेमेंट को सीधा प्रोसेस करने की सलाह दी गई है।
पढ़ाई और इलाज के लिए पैसा भेजना हुआ सरल
विदेश में पढ़ाई, मेडिकल ट्रीटमेंट और यात्रा जैसे कामों के लिए पैसा भेजने (Outward Remittance) के नियमों में ढील दी गई है। अब बैंक और नॉन-बैंक संस्थाएं आपस में आसानी से पार्टनरशिप कर सकेंगी। इसके लिए अब RBI से पहले मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, केवाईसी (KYC) और नियमों के पालन की पूरी जिम्मेदारी अब AD बैंकों की होगी।
डिजिटल पेमेंट और नए लाइसेंस के नियम
कार्ड, UPI और प्रीपेड इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए होने वाले recurring पेमेंट्स पर अब E-mandate नियम लागू होंगे। इसका मतलब है कि ग्राहकों को पेमेंट कटने से पहले नोटिफिकेशन मिलेगा और वे चाहें तो इसे बंद भी कर सकते हैं। साथ ही, RBI ने PA-CB (Payment Aggregator-Cross Border) फ्रेमवर्क के तहत लाइसेंस देना शुरू किया है, जिससे नॉन-बैंक पेमेंट कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय पेमेंट के लिए बैंकों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
RBI के नए बदलावों की मुख्य बातें
| सुविधा/नियम | बदलाव का असर |
|---|---|
| Payments Vision 2028 | डिजिटल पेमेंट सिस्टम को सुरक्षित और आसान बनाना |
| सिंगल विंडो प्रोसेस | PSS और FEMA की मंजूरी एक ही जगह से मिलेगी |
| इनवर्ड पेमेंट | उसी दिन खाते में पैसा जमा और तुरंत नोटिफिकेशन |
| आउटवर्ड रेमिटेंस | शिक्षा और इलाज के लिए पैसा भेजना आसान हुआ |
| E-mandate नियम | रिकरिंग पेमेंट्स के लिए प्री-ट्रांजैक्शन नोटिफिकेशन |
| PA-CB लाइसेंस | नॉन-बैंक कंपनियों को डायरेक्ट रेगुलेटरी मंजूरी |
| नोस्ट्रो अकाउंट | एक घंटे के भीतर रिकंसिलिएशन का लक्ष्य |
