इंक्रीमेंटल कैश रिजर्व रेश्यो क्या है?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने घोषणा की है कि वह इंक्रीमेंटल कैश रिजर्व रेश्यो (I-CRR) को चरणबद्ध तरीके से खत्म करेगा। इंक्रीमेंटल कैश रिजर्व रेश्यो एक प्रकार की वित्तीय उपकरण है, जिसके तहत बैंकों को अपनी कुल जमा राशि का कुछ प्रतिशत RBI के पास नकदी के रूप में जमा करना होता है।

कैसे कार्य करेगा यह फैसला?

RBI ने बताया कि 9 सितंबर और 23 सितंबर को I-CRR का 25-25% जारी किया जाएगा, और 7 अक्टूबर तक इसे पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा।

बैंकों पर क्या होगा असर?

यह फैसला बैंकों पर भी असर डालेगा। विश्लेषकों का मानना है कि इससे सिस्टम में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की लिक्विडिटी कम होगी। जब लिक्विडिटी कम होगी, तो मुद्रा बाजार दरें भी नरम हो सकती हैं।

क्या है आगे की राह?

इस फैसले को लेकर बैंकों और वित्तीय बाजार में भारी चर्चा हो रही है। RBI का यह कदम वित्तीय सिस्टम में स्थिरता लाने के लिए उठाया गया है और इससे आशा है कि बैंकिंग सेक्टर में और भी अधिक विकास होगा।

महत्वपूर्ण जानकारी:

पैरामीटर विवरण
इंक्रीमेंटल कैश रिजर्व रेश्यो वित्तीय उपकरण जिसमें बैंकों को कुछ प्रतिशत जमा राशि RBI के पास जमा करनी होती है
फैसले की तारीख 9 सितंबर, 23 सितंबर, और 7 अक्टूबर
असर लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की लिक्विडिटी कम होगी
मुद्रा बाजार दरें नरम हो सकती हैं